कृषि वार्ताद इकोनॉमिक टाइम्स
देश में नारियल उत्पादन चार साल में सबसे कम, बढ़े दाम
देश में नारियल उत्पादन में जोरदार गिरावट देखने को मिली है। इससे नारियल और नारियल तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2018-19 में नारियल उत्पादन 10 फीसदी गिरकर चार साल के निचले स्तर पर आ गया है। दुनिया में सबसे ज्यादा नारियल का उत्पादन भारत में होता है।
कम उत्पादन के चलते पिछले साल के मुकाबले नारियल की कीमतें दोगुनी होकर 40 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई हैं। वहीं, नारियल तेल की कीमतें भी नई ऊंचाई पर पहुंच गईं हैं। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार 2018-19 में नारियल का उत्पादन गिरकर 213.84 करोड़ इकाई पर आ गया जबकि 2017-19 में नारियल उत्पादन 237.98 करोड़ इकाई रहा था। यहां एक इकाई का मतलब नारियल के एक पीस से है। नारियल उत्पादन में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मौसम में बदलाव है। उत्पादक इलाकों में खासतौर से केरल में मौसम में भारी बदलाव देखने को मिला। देश के कुल नारियल उत्पादन में केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक की हिस्सेदारी लगभग 85 फीसदी है। वहीं, कर्नाटक में कम बारिश के कारण कीटों का प्रकोप बढ़ा है। इसके चलते नारियल की पैदावार 31 फीसदी की गिरावट आई। स्रोत – इकोनॉमिक टाईम्स, 14 दिसंबर 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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