कृषि वार्ताद इकोनॉमिक टाइम्स
राज्यों की ज्यादा से ज्यादा मंडियों को ई-मंडी से जोड़ने पर जोर दे रहा केन्द्र
नई दिल्ली। केंद्र राज्यों में ऑनलाइन एग्री-ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ई-नाम (eNAM) पर जोर दे रहा है। ई-नाम को ई-मंडी भी कहते हैं। ई-नाम में कृषि उपज बाजार समितियां (APMC) नहीं हैं। केन्द्र सरकार ई-मंडियों पर ज्यादा जोर इसलिए दे रही है ताकि किसानों को अपनी फसल वाजिब भाव पर बेचने के लिए ज्यादा अवसर मिलें। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में राज्यों को एपीएमसी को खत्म करने और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद करने के लिए ई-नाम में शामिल होने के लिए कहा है। एपीएमसी एक मार्केटिंग बोर्ड है जिसका उद्देश्य बड़े व्यापारियों से किसानों का शोषण रोकना है। अधिकारियों ने कहा कि कारोबारी लेनदेन बढ़ रहा है। ई-मंडी पर 150 से अधिक कमोडिटी (जिंसों) की खरीद-फरोख्त की जा रही है। वर्तमान में, 16 राज्यों में 585 मंडियों को ई-नाम प्लेटफॉर्म पर शामिल किया गया है। हालांकि, कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों जैसे बिहार, केरल मणिपुर, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली और अंडमान और निकोबार ने अभी तक एपीएमसी ढांचे को नहीं अपनाया है। स्रोत – इकोनामिक टाईम्स, 5 दिसंबर 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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