कृषि वार्ताआउटलुक एग्रीकल्चर
केंद्र सरकार ने चावल निर्यात नियम सख्त किए
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने यूरोपियन यूनियन के देशों को चावल के निर्यात नियमों को सख्त कर दिया है। इन देशों को चावल निर्यात करने के लिए अब निर्यातकों को निर्यात निरीक्षण एजेंसी या निर्यात निरीक्षण परिषद से प्रमाण-पत्र लेना अनिवार्य होगा।
इसका असर चावल के निर्यात सौदों पर पड़ने की आशंका है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की अधिसूचना के अनुसार यूरोपियन यूनियन के देशों को बासमती के साथ ही गैर-बासमती चावल के निर्यात के लिए निर्यातकों को निर्यात निरीक्षण एजेंसी या निर्यात निरीक्षण परिषद से प्रमाण-पत्र लेना होगा। यह फैसला तत्काल लागू हो गया है। चावल में पेस्टीसाइड होने की वजह से सरकार ने निरीक्षण प्रमाण-पत्र को अनिवार्य किया है। इस फैसले से बासमती के साथ ही गैर-बासमती चावल के निर्यात सौदों पर असर पड़ेगा। यूरोपियन यूनियन के देशों को बासमती चावल का कुल निर्यात करीब तीन लाख टन का होता है। ईरान को बासमती चावल के निर्यात सौदे नहीं हो रहे हैं, जबकि सऊदी अरब को भी सीमित मात्रा में ही निर्यात हो रहा है। इस वित्त वर्ष की पहली छमाही अप्रैल से सितंबर के दौरान बासमती चावल के निर्यात में 11.33 फीसदी की कमी आई है और कुल निर्यात 18.70 लाख टन का हुआ है। स्रोत – आउटलुक एग्रीकल्चर, 5 नवंबर 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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