कृषि वार्ताकृषि जागरण
कृषि वैज्ञानिकों ने की तैयारी
कपास में लगने वाली गुलाबी सुंडी को रोकेंगे वैज्ञानिक कपास में लगने वाली गुलाबी सुंडी को रोकने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने मंथन करना शुरू कर दिया है। इसको रोकने के लिए दक्षिण भारत में कपास उत्पादन वाले राज्य तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक के अलावा हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना ,राजस्थान, पंजाब आदि राज्यों को भी इस समस्या के मंथन को समझने हेतु जोड़ा गया है।
गुलाबी सुंडी के कहर का आंकलन करें तो 2017 के सीजन में गुजरात और वर्ष 2018 में कपास की फसल को गुलाबी सुंडी से सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ा और उनको आर्थिक तौर पर सीधा नुकसान हुआ है। नये सीजन में गुलाबी सुंडी को रोकने के लिए शोध कार्य किया जाएगा। सभी कृषि वैज्ञानिक गुलाबी सुंडी को रोकने के लिए निगरानी रखनें का कार्य करेंगे और फसल को बचाने के लिए जागरूक करने का कार्य किया जाएगा। स्त्रोत – कृषि जागरण, ६ मार्च २०१९ यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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