जैविक खेतीएग्रोवन
कृषि में हरे खाद का लाभ
हरा खाद एक अविघिटत पदार्थ है जिसे खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। यह दो तरीकों से प्राप्त किया जाता है एक हरे खाद की फसलें उगाकर या बंजर भूमि, खेत की मेड़ और जंगलों में उगने वाले पौधों से हरी पत्तियों (टहनियों के साथ) को इकट्ठा करके। हरे खाद का उत्पादन आमतौर पर फलीदार (बहुत सी शाखाओं वाले) पौधों में होता है जो पर्याप्त वृद्धि के बाद गिरकर मिट्टी में मिल जाते हैं। हरे खाद के लिए उगाए गए पौधों को हरी खाद फसलों के रूप में जाना जाता है। सनई, ढैंचा, ग्वार फली और सस्बेनिया (अगस्त) हरी खाद की सबसे महत्वपूर्ण फसलें हैं। हरी पत्ती की खाद हरे पत्तों और पेड़ों की टहनियों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों को कहीं और से एकत्र करके हरी पत्ती के खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। जंगलों के पेड़ों के पत्ते हरी पत्ती की खाद के मुख्य स्रोत हैं। हरी पत्ती की खाद के अन्य स्रोत बंजर भूमि और खेत की मेड़ पर उगने वाले पौधे हैं। हरी पत्ती की खाद के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण पौधों की प्रजातियाँ नीम, ग्लिसरीडिया, करंजी, कैलोट्रोपिस, एविस (सस्बेनिया ग्रैंडिफ्लोरा), सबबुल और अन्य झाड़ियाँ हैं।
लाभ: • जैविक पदार्थ और मृदा ह्यूमस का बढ़ना • नाइट्रोजन निर्धारण में वृद्धि • मिट्टी की सतह का संरक्षण • क्षरण की रोकथाम • मिट्टी की संरचना को बनाए रखना या सुधारना • लीचिंग के लिए संवेदनशीलता कम हो जाती है • मिट्टी की निचली सतह तक अनुपलब्ध पोषक तत्वों की पहुंच • अगली फसल को पोषक तत्व प्रदान करना स्रोत - TNAU एग्रीपोर्टल यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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