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मूली का बीज उपचार!
मूली की फसल को बीज एवं मृदा जनित रोगों से बचाने के लिये बीजोपचार आवश्यक है। मूली के बीज को बुआई से पूर्व कैप्टेन 75% WS 1.5 से 2.5 ग्राम एआइ प्रति लीटर की दर से उपचारित करें। तथा 2 ग्राम/ 100 ग्राम बीज की दर से ट्राइकोडर्मा विराइड द्वारा बीज उपचार मिट्टी को भिगोने के लिए किया जाना चाहिए।
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