सलाहकार लेखकृषि जागरण
5 रुपए के कैप्सूल से खेतों का करें पुनरुद्धार!
हर साल सर्दियों में जलाई जाने वाली नरवाई/पराली से वायु प्रदूषण की समस्या खड़ी हो जाती है। इस कारण लोगों का सांस लेना काफी मुश्किल हो जाता है। इस समस्‍या से छुटकारा दिलाने के लिए इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने एक ऐसा कैप्सूल बनाया है, जो कि पराली जलाने के झंझट को ही खत्म कर सकता है। खास बात यह है कि इस कैप्सूल के इस्‍तेमाल से पराली को जैविक खाद में बदला जा सकता है। वैज्ञानिकों ने 15 साल में बनाया कैप्‍सूल यह कैप्सूल पराली को जैविक खाद में बदला सकता है। यह सबसे आसान और सस्ता तरीका है। अगर किसान को 1 एकड़ जमीन में लगी पराली को जैविक खाद में बदलना है, तो इसमें सिर्फ 4 कैप्सूल की जरूरत पड़ेगी। यानी किसान सिर्फ 20 रुपए में 1 एकड़ कृषि भूमि में खड़ी पराली को आसानी जैविक खाद में बदल सकता है। सिर्फ 5 रुपए में आएगा कैप्सूल आईएआरआई (IARI) का कहना है कि इस कैप्सूल की कीमत सिर्फ 5 रुपए तय की गई है। इसको गरीब से गरीब किसान भी इस्‍तेमाल कर सकता है। कृषि भूमि पर कैप्‍सूल का नहीं पड़ेगा बुरा असर कृषि वैज्ञानिकों की मानें, तो इस कैप्सूल के इस्‍तेमाल से कृषि भूमि पर किसी भी तरह का बुरा असर नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि इस कैप्सूल का निर्माण करने में 15 साल का समय लगा है। इसके इस्‍तेमाल से कृषि भूमि और ज्‍यादा उपजाऊ बन पाएगी। इसके साथ ही वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिल पाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि यह कैप्‍सूल वैज्ञानिकों ने पिछले साल ही बना लिया था। मगर अभी तक किसानों को इसके बारे में ज्‍यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। ऐसे बनाएं कैप्‍सूल से घोल 1. 1 एकड़ कृषि भूमि के लिए 150 ग्राम पुरानी गुड़ लेकर पानी में उबाल लें। 2. इस दौरान निकलने वाली गंदगी को फेंक दें। 3. अब गुड़ के घोल को ठंडा होने के लिए रखे दें। 4. इसके बाद 5 लीटर पानी में मिलाएं। 5. इसमें 50 ग्राम बेसन भी मिलाएं। 6. अब प्‍लास्टिक या मिट्टी के बर्तन में घोल लेकर 4 कैप्सूल अच्छी तरह मिला लें। 7. फिर घोल को गर्म जगह पर 5 दिन के लिए रख दें। कैप्सूल बनाते समय इन बातों का रखें ध्‍यान 1. इस घोल में पानी मिलाते समय मास्क और ग्लव्स जरूर पहन लें। 2. इसके बाद घोल इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाता है। 3. 5 लीटर का घोल 10 क्विंटल पराली को जैविक खाद में बदलने की क्षमता रखता है।
स्रोत- कृषि जागरण, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍🏻 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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