सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
बैंगन में फल एवं तना छेदक कीट से बचाव!
किसान भाइयों बैंगन की फसल में फल एवं तना छेदक के प्रकोप की प्रारंभिक अवस्था में, गिडार तने में छेद कर देती हैं जिससे विकास करने वाले कल्ले मर जाते है। मुर्झाये, झुके हुए तने का दिखाई देना इसका प्रमुख लक्षण है। बाद में गिडार या इल्लियां फल में छेद कर देती हैं जिससे वह खाने के लिए अयोग्य हो जाता है। इसके नियंत्रण के लिए क्लोरेनट्रानिलीप्रोल 18.5 % एससी @ 80 मिली० मात्रा को या डेल्टामैथ्रिन 2.80 % ई सी @ 160 -200 मिली० मात्रा को प्रति एकड़ 200 से 300 लीटर पानी में घोलकर फसल पर छिड़काव करें।
स्रोत:-एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस , प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद।
9
0
संबंधित लेख