एग्री डॉक्टर सलाहकिसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मध्यप्रदेश
सरसों का बीज उपचार जरूरी!
किसान भाइयों सरसों की भरपूर पैदावार हेतु फसल को बीज जनित बीमारियों से बचाने के लिये बीजोपचार आवश्यक है। श्वेत किट्ट एवं मृदुरोमिल आसिता से बचाव हेतु मेटालेक्जिल 6 ग्राम एवं तना सड़न या तना गलन रोग से बचाव हेतु कार्बेन्डाजिम 3 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीज उपचार करें।
स्रोत:- किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मध्यप्रदेश, यदि आपको आज के सुझाव में दी गई जानकारी उपयोगी लगे, तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद।
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