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धान की फसल में हिस्पा कीट नियंत्रण!
इस कीट का वयस्क भृंग नीले काले रंग का होता है और इसके ऊपर छोटे-छोटे कांटे होते है। इसकी सुंडियां हलका पीलापन लिए हुए होती है। प्रत्येक मादा भृंग औसतन 55 अंडे देती है जो तीन से पांच दिन में फूटते है। सुंडिया 14 दिन के भीतर ही पत्तियां को खुरच कर नुकसान पहुँचता है। जिससे पत्तों के ऊपर सफेद रंग का धब्बे नजर आने लगते है। इसके बाद व्यस्क निकलते है और पत्तों को बाहर से कुरेद कर खाना शुरू कर देते है। इससे पत्तों पर लंबी सफेद धारियां पड़ जाती है। हिस्पा का सबसे अधिक प्रकोप अगस्त व सितंबर माह में होता है। इस कीट के नियंत्रण के लिए लैम्ब्डा-साइफलोथ्रिन 02.50% ईसी @ 200 मिली प्रति 200 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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