एग्री डॉक्टर सलाहएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
प्याज और लहसुन का बीज एवं भूमि उपचार!
किसान भाइयों प्याज और लहसुन को भूमि एवं बीज जनित रोगों से बचाने के लिए बीज उपचार करना बहुत ही आवश्यक है। इसलिए किसान भाइयों बुवाई पूर्व निम्न प्रकार से बीजोपचार करना चाहिए। मृदा उपचार- 2.5 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर ट्राइकोडर्मा विरिडी को 60 से 70 किलोग्राम गोबर की खाद में मिलाकर 8 से 10 दिन तक हल्की नमी बनाये रखकर छाया में रखने के उपरान्त बुआई से पूर्व आखिरी जुताई के समय भूमि में मिला देना चाहिए और साथ में 200 किलोग्राम नीम खली का भी उपयोग भी करना चाहिए। बीज उपचार- बुआई से पहले कलियों को ट्राईकोडर्मा 5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से बीजोपचार कर बुवाई करना चाहिए।
स्रोत - एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, प्रिय किसान भाइयों यदि आपको दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद।  
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