सलाहकार लेखकिसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मध्यप्रदेश
सोयाबीन की फसल में ऐन्थ्रेक्नोज व फली झुलसा का नियंत्रण!
किसान भाइयों यह एक बीज एवं मृदा जनित रोग है। सोयाबीन में फूल, फलियां आने की अवस्था में तने, पर्णवृन्त व फली पर लाल से गहरे भूरे रंग के अनियमित आकार के धब्बे दिखाई देते है। बाद में यह धब्बे फफूंद की काली सरंचनाओं व छोटे कांटे जैसी संरचनाओं से भर जाते है। पत्तीयों पर शिराओं का पीला-भूरा होना, मुड़ना एवं झड़ना इस बीमारी के लक्षण है। इसके नियंत्रण के लिए रोग सहनशील किस्में जैसे एनआरसी 7 व 12 का उपयोग करें। बीज को थायरम या कार्बोक्सीन या कैप्टान 3 ग्राम/कि.ग्रा. बीज के मान से उपचारित कर बुवाई करें। रोग के लक्षण दिखाई देने पर जाइनेब या मेन्कोजेब 2 ग्रा./ली. का छिड़काव करें।
स्रोत:- किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मध्यप्रदेश, प्रिय किसान भाइयों यदि आपको दी गयी जानकारी उपयोगी लगी तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद।
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