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जानें लाभदायक धनिया की खेती के बारे में
"धनिया एक बहुमूल्य बहु उपयोगी मसाले वाली आर्थिक दृष्टि से भी लाभकारी फसल है।  धनिया के बीज में बहुत अधिक औषधीय गुण होने के कारण इसे  के रोगो में भी प्रयोग किया जाता है।  धनिया की बुवाई के लिए शुष्क व ठंडा मौसम अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिये अनुकूल होता है। बीजों के अंकुरण के लिये 25 से 26 से.ग्रे. तापमान अच्छा होता है।  भूमि का चुनाव एवं उसकी तयारी:- धनिया की सिंचित फसल के लिये अच्छा जल निकास वाली अच्छी दोमट भूमि सबसे अधिक उपयुक्त होती है और असिंचित फसल के लिये काली भारी भूमि अच्छी होती है। धनिया क्षारीय एवं लवणीय भूमि को सहन नही करता है। सिंचित क्षेत्र में अगर जुताई के समय भूमि में पर्याप्त जल न हो तो भूमि की तैयारी पलेवा देकर करनी चाहिए । बुवाई का समय, प्रजाति एवं बीज दर:- धनिया की फसल रबी मौसम में बोई जाती है। धनिया बोने का सबसे उपयुक्त समय 15 अक्टूबर से 15 नवम्बर है। धनिया की सामयिक बोनी लाभदायक है। दानों के लिये धनिया की बुआई का उपयुक्त समय नवम्बर का प्रथम पखवाड़ा हैं। हरे पत्तों की फसल के लिये अक्टूबर से दिसम्बर का समय बिजाई के लिये उपयुक्त है। बुवाई के लिए वैराइटी के चुनाव में  हिसार सुगंध, आरसीआर 41,आरसीआर 435,आरसीआर 436,आरसीआर 446 आदि किस्मों का चुनाव कर सकते है। एक एकर में धनिया की बुवाई के लिए 6 से 8 किलो बीज की आवश्यकता होती है।"
स्रोत- विकासपीडिया, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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