सलाहकार लेखकिसान हेल्पलाइन
सावधान धान में लग सकता है भूरा फुदका ,करें ये उपाय
भूरा फुदका  (होमोप्टेरा डेल्फासिडै) धान का एक प्रमुख नाशककीट है| जिसमें अचानक पत्तियां गोल घेरे में पीली भगवा व भूरे रंग की दिखने लगती है व सूख जाती है व पौधा लुड़क जाता है, जिसे होपर बर्न कहते हैं, घेरा बहुत तेजी से बढ़ता है व पूरे खेत को ही भूरा फुदका कीट अपनी चपेट में ले लेता है। भूरा फुदका कीट का प्रकोप धान के पौधे में मीठापन जिसे जिले में गोल काढ़ी आना कहते हैं तब से लेकर धान कटते तक देखा जाता है। यह कीट पौधे के तने से पानी की सतह के ऊपर तने से चिपककर रस चूसता है।-:भूरा फुदका बढ़ने का कारण:- 1:- गभोट अवस्था में या उसके बाद यूरिया या नत्रजन का अनुसनशित मात्रा से ज्यादा उपयोग करना।2:- गुणवत्ता हीन कीटनाशको का इस्तेमाल।-:नियंत्रण के उपाय:-1:- यूरिया खाद का सन्तुलित एवं अनुसनशित मात्रा का उपयोग एवं पोटाश की अतिरिक्त मात्रा का उपयोग करना चाहिये।2:- धान के खेत मे पानी का स्तर कम नही होना चाहिये जो खेत सूखा या कम पानी रहता है उसमें भूरा फुदका बहुत नुकसान करता है।3:- अज़ाडिरचटिन 0.03% ई.सी नीम आधारित की 400 से 600 मिली० मात्रा या इमामेक्टिन बेंजोएट 1.5% + फिप्रोनिल 3.5%  एस.सी @ 200 मिली० को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें। 
स्रोत- किसान हेल्प प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!  
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