कृषि वार्तान्यूज18
मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला के लिए किसानों को 3.75 लाख रुपए देगी मोदी सरकार!
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने एक ऐसी योजना बनाई है जिसमें युवा किसान गांवों में स्वायल टेस्टिंग लैब बनाकर कमाई कर सकते हैं। लैब स्थापित करने में 5 लाख रुपये का खर्च आता है, जिसका 75 फीसदी यानी 3.75 लाख रुपए सरकार देगी। इसमें से 60 प्रतिशत केंद्र और 40 फीसदी सब्सिडी संबंधित राज्य सरकार से मिलेगी। सरकार जो पैसे देगी उसमें से 2.5 लाख रुपये जांच मशीन, रसायन व प्रयोगशाला चलाने के लिए अन्य जरूरी चीजें खरीदने पर खर्च होंगे। कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, जीपीएस की खरीद पर एक लाख रुपये लगेंगे। सरकार द्वारा मिट्टी नमूना लेने, परिक्षण करने एवं सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के लिए 300 प्रति नमूना प्रदान किया जा रहा है। लैब बनाने के इच्छुक युवा, किसान या अन्य संगठन जिले के कृषि उपनिदेशक, संयुक्त निदेशक या उनके कार्यालय में प्रस्ताव दे सकते हैं। agricoop.nic.in वेबसाइट या soilhealth.dac.gov.in पर इसके लिए संपर्क कर सकते हैं। किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर भी संपर्क कर अधिक जानकारी ली जा सकती है। किसानों को सुविधा, युवाओं को रोजगार सरकार की कोशिश है कि किसानों को उनके गांव में ही खेती की मिट्टी की जांच करवाने की सुविधा मिले। साथ ही ग्रामीण युवाओं को रोजगार भी मिले। इस स्कीम के तहत ग्रामीण युवा एवं किसान जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष है, ग्राम स्तर पर मिनी स्वायल टेस्टिंग लैब बना सकते हैं। स्वयं सहायता समूह, कृषक सहकारी समितियां एवं कृषक उत्पादक संगठन को भी प्रयोगशाला स्थापित करने पर यह मदद मिलेगी। काफी प्रयोगशालाओं की है जरूरत देश में इस समय छोटी-बड़ी 7949 लैब हैं, जो किसानों और खेती के हिसाब से नाकाफी कही जा सकती हैं। सरकार ने 10,845 प्रयोगशालाएं मंजूर की हैं। स्रोत - 2 सितंबर 2020, न्यूज़ 18, प्रिय किसान भाइयों यदि आपको दी गयी जानकारी उपयोगी लगी तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ जरूर शेयर करें धन्यवाद।
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