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बाजरे में मृदुरोमिल आसिता व हरित बाल रोग की रोकथाम
किसान भाइयों बाजरे की फसल में लगने वाले इन रोगों में रोग से प्रभावित पौधों की पत्तियॉ पीली पड़ जाती है तथा निचली सतह पर फफॅूदी की हल्के भूरे रंग की वृद्धि दिखाई देती है। पौधों की बढ़वार रूक जाती है तथा बालियों के स्थान पर टेड़ी मेड़ी गुच्छेनुमा हरी पत्तियॅा सी बन जाती है। इसके नियंत्रण के लिए कार्बेन्डाजिम 400 ग्राम को 300 से 400 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ की दर से 8-10 दिन के अन्तराल पर 2-3 बार छिड़काव करना चाहिए। या बुवाई से पहले मेटालैक्सिल 35% डब्ल्यू एस को 6 ग्राम प्रति किग्रा० बीज की दर से बीज को उपचारित करें।
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