कृषि वार्ताकृषि जागरण
कंबाइन, हार्वेस्टर मशीन जैसे कृषि यंत्रों से करें धान की कटाई, लागत और समय की होगी बचत
किसानों को खेतीबाड़ी में कई तरह के कार्य होते हैं। इन सभी कार्यों को कृषि यंत्रों से आसान बनाया जाता है। कृषि यंत्रों की मदद से किसान अपने सभी कार्यों को बहुत ही आसानी से पूरा कर सकते हैं। इससे किसानों का काफी समय भी बचता है। आज के समय में किसानों को नई तकनीक से फसल बुवाई, कटाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कई किसान लगातार कृषि यंत्रों की ओर रुख भी कर रहे हैं। आने वाले कुछ दिनों में धान की कटाई होनी है। इसके लिए किसान सामान्य हंसिया, दांतेदार हंसिया, रीपर का उपयोग करते हैं. मगर किसानों को फसल की कटाई के लिए कृषि यंत्रों का उपयोग करना चाहिए, ताकि फसल की कटाई अच्छी तरह हो पाए। आज हम धान की कटाई के लिए एक कृषि यंत्र की जानकारी लेकर आए हैं, जिसको कंबाइन हार्वेस्टर मशीन के नाम से जाना जाता है. आइए आपको इस मशीन से जुड़ी कुछ ज़रूरी जानकारी देते हैं।क्या है कंबाइन हार्वेस्टर मशीन यह एक बहुमुखी मशीन है, जिससे कटाई और सफाई का काम एक साथ किया जा सकता है। इस मशीन की मदद से धान, सोयाबीन, कुसुम, सरसों आदि की कटाई और सफाई का कार्य कर सकते हैं। इसमें समय और लागत, दोनों बहुत कम लगती है।कैसे कार्य करती है कंबाइन हार्वेस्टर मशीन कंबाइन हार्वेस्टर की रील खड़ी फसल को काटने वाली यूनिट तक पहुंचाता है। कटर बार के चाकू से फसल काटता है। इसके बाद फसल कन्वेयर बेल्ट के जरिए रेसिंग यूनिट में जाती है। यहां पर फसल के दाने ड्रेसिंग ड्रम और कंक्रीट क्लीयरेंस से रगड़ने पर अलग हो जाते हैं। इसके साथ ही छलनी से अनाज साफ हो जाता है और ब्लोवर से पैरा अलग हो जाता है। इस मशीन में एक स्टोन ट्रैप यूनिट लगी होती है, जो कि फसल के साथ आने वाले कंकड़, मिट्टी आदि को अलग कर देता है।कंबाइन हार्वेस्टर मशीन है बहुत उपयोगी यह मशीन मजदूरों की समस्या को दूर कर देती है। इस मशीन के जरिए बहुत कम पैसों में कटाई और मड़ाई का कार्य किया जा सकता है।कंबाइन से फसल की कटाई करने बाद पैरा खेत में ही रहता है, जिसका उपयोग मिट्टी से उसे सड़ाकर खाद के रूप में किया जा सकता है। इससे जमीन की उर्वरकता बनी रहती है।इससे काटी गई फसल का उपयोग बीज उत्पादन में भी किया जा सकता है।किसान इस मशीन के मदद से सोई हुई फसल को भी काट सकते हैं। स्रोत- कृषि जागरण प्रिय किसान भाइयों यदि वीडियो में दी गयी जानकारी उपयोगी लगी तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद।
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