एग्री डॉक्टर सलाहएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
धान का गोभगिडार (व्होरल मैगॉट) कीट का नियंत्रण!
इस कीट के कारण गोभ से निकलने वाली नई प्रकोपित पत्तियों के किनारे कटे हुए दिखाई पड़ते हैं। अधिक प्रकोप होने पर एक तिहाई तक पत्तियां क्षतिग्रस्त पाई जाती हैं। इनके मैगट अंडों से निकलने के बाद गोभ में घुसकर पत्तियों को काट देते हैं। प्रबंधन 1 समय से व सघन रोपाई एवं बगैर जलभराव की स्थितियाँ इसके प्रकोप को कम करती हैं। 2 खेत में अजोला का प्रयोग कीट को अंडे देने में बाधक होता है। 3 इस कीट का आर्थिक क्षतिबिन्दु 25% क्षतिगृस्त पत्तियां हैं, जिसके बाद ही रासायनिक उपचार किया जाना चाहिए। बेहतर तो यह होगा कि खेत का पानी निकालकर एक बार यूरिया का प्रयोग करें, 4 रासायनिक उपचार हेतु डेल्टामेथ्रिन 11.00% ईसी @ 60 मिली या इथेनोप्रोक्स 10.00% ईसी @ 200 मिली प्रति 200 लीटर पानी के साथ प्रति एकड़ छिड़काव करें।
स्रोत - एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, प्रिय किसान भाइयों यदि आपको दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद।  
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