एग्री डॉक्टर सलाहएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
जाने गन्ने के कंडवा (स्मट) रोग से बचाव के उपाय
किसान भाइयों गन्ने की फसल में लगने वाले  इस रोग के कारण गन्ने अपेक्षाकृत पतले हो जाते हैं तथा तने प्रमुख लक्षण पर पतली व नुकीली पत्तियॉ एक ही गॉठ से अलग-अलग दिशाओं में निकलने लगती हैं। रोग की अंतिम अवस्था में अग्रभाग की बढ़वार रूक जाती है और लंबा कोढ़ा (टेढ़ा-मेड़ा) निकल जाता है। तथा गन्ने की निचली ऑखें समय से पूर्व अंकुरित हो जाती है। इसके नियंत्रण के लिए अजॉक्सिस्ट्रोबिन 18.2% + डाइफेनोकोनाज़ोल 11.4% एस सी @ 1 मिली० प्रति लीटर पानी की दर से घोलकर फसल पर छिड़काव करें। 
यदि आपको आज के सुझाव में दी गई जानकारी उपयोगी लगे, तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद।
13
2
संबंधित लेख