योजना और सब्सिडीयूपी एग्री पारदर्शी
कृषकों को सोलर फोटोवोलटैईक इरीगेशन पम्प की स्थापना पर अनुदान की योजना!
प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु कृषकों को सोलर फोटोवोलटैईक इरीगेशन पम्प पर अनुदान देने का प्रस्ताव है। यह परियोजना का नवोन्मुखी कार्यक्रम के अन्तर्गत सोलर पम्प की स्थापना से न केवल विद्युत ऊर्जा की बचत बल्कि ईधन इत्यादि के आवर्ती व्यय से बचत हो सकती है। प्रदेश के इन क्षेत्रों में जहॉ पर भूगर्भीय जल 10 मीटर से 70 मीटर की गहराई तक है, वहॉ पर सोलर फोटोवोलटैईक इरीगेशन पम्प के सरफेस एवं समरसेबुल पम्प भली-भॉति कार्य करते हैं। इस दिशा में भारत सरकार एवं उ०प्र० सरकार द्वारा सजगता के साथ इस योजना की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से अनुदान की योजना संचालित की जा रही है। परियोजना का विवरण सोलर पम्प की स्थापना हेतु प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अनुक्रम में योजनान्तर्गत प्रदेश के कृषकों को निम्न प्रकार के सोलर पम्पों को अनुदान पर उपलब्धता सुनिश्चित कराते हुए स्थापना कराई जायेगी:- 1800 वाट (2एच0पी0) सरफेस सोलर पम्प (ए0सी0/डी0सी0)।3000 वाट (3एच0पी0) समरसेबुल सोलर पम्प (ए0सी0/डी0सी0)।4800 वाट (5एच0पी0) समरसेबुल सोलर पम्प (ए0सी0)। योजना के अन्तर्गत लाभार्थी पात्रता एवं चयन योजनान्तर्गत 1800 वाट (2 एच०पी०) सरफेस सोलर पम्प एवं 3000 वाट (3 एच०पी०) समरसेबुल सोलर पम्प प्रदेश के लघु एवं सीमान्त कृषकों को तथा 4800 वाट (5 एच०पी०) समरसेबुल सोलर पम्प अन्य बड़े कृषकों को देय होगा। लघु एवं सीमान्त कृषकों में ऐसे कृषकों को प्राथमिकता दी जायेगी, जिनके पास सुनिश्चित सिंचाई की सुविधा उपलब्ध न हो। लघु एवं सीमान्त कृषकों की अनुपलब्धता होने पर 4800 वाट के सोलर इरीगेशन पम्प अन्य कृषकों को भी उपलब्ध कराया जा सकेगी। स्थापित किये जाने वाले सोलर पम्प हेतु लाभार्थियों का चयन प्रथम आवत- प्रथम पावत के आधार पर करते हुए जिलाधिकारी के अनुमोदनोपरान्त कराये जायेगे, जिन लाभार्थियों द्वारा गत वर्ष कृषक अंश के ड्राफ्ट जमा कर दिये गये हैं उनकों प्राथमिकता दी जायेगी।
स्रोत - यूपी एग्रीपारदर्शी प्रिय किसान भाइयों यदि आपको दी गयी जानकारी उपयोगी लगी तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद।
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