सलाहकार लेखकृषक जगत
मूंगफली की फसल में पोषक तत्व प्रबंधन
मूंगफली की फसल में मुख्य तत्वों के अतिरिक्त गंधक एवं कैल्शियम का मूंगफली की पैदावार तथा गुणवत्ता पर महत्वपूर्ण प्रभाव देखा गया है| इन दोनों तत्वों की मांग की पूर्ति के लिए 200 से 400 किलोग्राम जिप्सम प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें| नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटाश की पूरी मात्रा और जिप्सम की आधी मात्रा बुवाई के समय मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें| जिप्सम की शेष आधी मात्रा को पुष्पावस्था के समय 5 सेंटीमीटर की गहराई पर पौधे के पास दिया जाना चाहिए| पौधों की बढ़वार यदि कम हो और इसके साथ-साथ जड़ों में कारगर ग्रंथियों की संख्या कम हो, उस अवस्था में अच्छी पैदावार लेने के लिए बुवाई के 30 से 40 दिन बाद 20 से 25 किलोग्राम नाइट्रोजन का प्रयोग करें| अम्लीय मिट्टी में 1.5 से 2.0 टन चूने का प्रयोग करने से मूंगफली की पैदावार में बढ़ोत्तरी की जा सकती है| सूक्ष्म तत्वों में जिंक तथा बोरॉन का प्रयोग करें| जिंक की कमी की पूर्ति हेतु 25 किलोग्राम जिंक सल्फेट का प्रति हेक्टेयर प्रयोग करें| बोरॉन की कमी की पूर्ति हेतु 2 किलोग्राम बोरेक्स प्रति हेक्टेयर का प्रयोग करें|
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