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गन्ने में अगोले की सड़न रोग का नियंत्रण!
गन्ना की फसल में इस रोग में ऊपर की नयी पत्तियां प्रारम्भ में हल्की पीली अथवा सफेद पड़ जाती है जो बाद में सड़ कर नीचे गिर जाती है। यह रोग वर्षाकाल में अधिक लगता है तथा गन्ने की बढवार पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसके नियंत्रण के लिए ट्राइकोडर्मा 2.5 किग्रा. प्रति हेक्टेयर की दर से 75 किग्रा सडे गोबर की खाद में मिलाकर प्रयोग करना चाहिए। स्यूडोमोनास फ्लोरिसेन्स 2.5 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 100 किग्रा सडे़ गोबर की खाद में मिलाकर प्रयोग करना चाहिए। रोग प्रतिरोधी प्रजातियों का ही प्रयोग करना चाहिए। यदि किसी बीज गन्ने के कटे हुए सिरे अथवा गांठों पर लालिमा दिखे तो ऐसे सेट का प्रयोग नही करना चाहिए।
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