सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
मिर्च की फसल में नत्रजन के कार्य, कमी के लक्षन एवं देने की विधि!
सभी फसलों में नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है। इसका पौधों में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है तो आइये जानते हैं इसके बारे में थोड़ी सी जानकारी:- नत्रजन के प्रमुख कार्य:- नाइट्रोजन से प्रोटीन बनती है जो जीव द्रव्य का अभिन्न अंग है तथा पर्ण हरित के निर्माण में भी भाग लेती है। नाइट्रोजन का पौधों की वृद्धि एवं विकास में योगदान इस तरह से है। यह पौधों को गहरा हरा रंग प्रदान करता है। वानस्पतिक वृद्धि को बढ़ावा मिलता है। यह दानो के बनने में मदद करता है। नत्रजन-कमी के लक्षण:- यह मिर्च के पौधों की वानस्पतिक वृद्धि में योगदान देता है। यह मिर्च की पत्तियों को हरा रंग प्रदान करता है। मिर्च की फसल में नत्रजन की कमी से पौधों का रंग हल्का हरा, बढ़वार सामान्य से कम और टहनियों की संख्या में कमी हो जाती है। मिर्च की पत्तियों का रंग पीला या हल्का हरा हो जाता है। नत्रजन की कमी से सबसे पहले पौधे की निचली पत्तियाँ सूखना प्रारंभ कर देती है और धीरे-धीरे ऊपर की पत्तियाँ भी सूख जाती है। पत्तियों का रंग सफेद एवं पत्तियाँ कभी-कभी जल जाती है। हरी पत्तियों के बीच-बीच में सफेद धब्बे भी पड़ जाते हैं। पौधों में फल पकने से पहले गिर जाते है। नत्रजन देने की विधि:- नत्रजन को छिड़काव द्वारा एवं दूसरा मृदा में डालकर प्रयोग किया जा सकता है। नत्रजन की कमी का उपचार खड़ी फसल के खेतों की निराई -गुड़ाई के बाद कतार में यूरिया का छिड़काव कर अथवा यूरिया को 2-4 प्रतिशत का घोल बनाकर फसल के पत्तों पर छिड़काव लाभप्रद होता है।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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