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मूंग और उड़द की फसल में पत्ती धब्बा रोग का नियंत्रण!
मूंग और उड़द का यह एक प्रमुख रोग है, जिससे प्रतिवर्ष पैदावार में भारी क्षति होती है। यह रोग भारत के लगभग सभी मूंग और उड़द उगाने वाले क्षेत्रों में व्यापकता से पाया जाता है। जब वातावरण में नमीं अधिक होती है, तो यह रोग उग्र रुप में प्रकट होता है और अनुकूल वातावरण में यह रोग एक महामारी का रुप ले लेता है। पत्ती धब्बा रोग के कारण पत्तियों पर भूरे गहरे रंग के धब्बे पड़ जाते हैं, जिनका बाहरी किनारा भूरे लाल रंग का होता है। यह धब्बे पत्ती के ऊपरी हिस्से पर अधिक स्पष्ट दिखायी पड़ते हैं। संक्रमण पुरानी पत्तियों से प्रारम्भ होता है। अनुकूल परिस्थतियों में यह धब्बे बड़े आकार के हो जाते हैं तथा अन्ततः फलियाँ बनते समय रोग ग्रसित पत्तियाँ गिर जाती हैं। सामान्यतः पुरानी फलियों में ही संक्रमण होता है जो कि अधिक धब्बे बनने की स्थिति में काली पड़ जाती हैं और ऐसी फलियों में दाने भी बदरंग तथा सिकुड़ जाते हैं। इसकी रोकथाम के लिए मेटिरम 55% + पाइरक्लोस्ट्रोबिन 5% डब्ल्यू.जी. @ 600 ग्राम दवाई को 200 लीटर पानी के साथ प्रति एकड़ छिड़काव करें।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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