सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
बैंगन की फसल में की जाने वाली अंत: सस्य क्रियायें!
खरीफ मौसम में बैगन फसल की फूल अवस्था पर शेष बचे हुए खरपतवारों को हाथ से निराई करके निकाल लेना चाहिए क्योंकि इस समय के बचे हुए खरपतवार से उत्पन्न बीज आने वाली फसल के लिए हानिकारक होते हैं । फसल में निराई गुड़ाई करते समय आप पौधे की जड़ों के पास मिट्टी लगायें जिससे पौधे को गिरने से रोका जा सके। फल को मिट्टी के सम्पर्क में आने से बचने के लिए, पौधों को चारो तरफ से सहारा देने की आवश्यकता होती है, जिससे फल सडन की समस्या कम होती है । कीटो की निगरानी के लिए 4 - 5 प्रति एकड़ की दर से फेरोमोन ट्रैप लगा सकते है । ध्यान इस बात का देना है कि प्रत्येक 2 से 3 सप्ताह बाद फेरोमोन ट्रैप का ल्योर बदला जाता है । फल छेदक कीट के प्रबंधन के लिए एच.ए. एन.पी.वी. 0.43 ए.एस. @ 600 मि.ली. या बैसिलस थुरिनजिएन्सिस @ 400 - 500 ग्राम को 150-200 लीटर पानी में घोल बनाकर फसल में छिडकाव करें।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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