एग्री डॉक्टर सलाहएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
सोयाबीन की फसल में संतुलित उर्वरक का प्रबंधन!
सोयाबीन में उरवर्क प्रबंधन के अंतर्गत रसायनिक उर्वरकों का उपयोग मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही किया जाना सर्वथा उचित होता है। यदि अपने मिट्टी का परीक्षण नही करवाया है, तो बुवाई के 25 दिन बाद फ़सल में अच्छी बढ़वार के लिए एन.पी.के 20:20:00 @ 50 किलो प्रति एकड़ और साथ में गंधक 90% @ 3 किलो प्रति एकड़ को साथ में मिलाकर कर के ज़मीन से दीजिये। गंधक का उपयोग फसल के अधिक लाभकारी होता है। यह फसल में गंधक तत्व की पूर्ती करता है जिससे फसल में पीलेपन की समस्या नही आती है।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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