सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
धान की रोपाई करते समय रखी जाने वाली सावधानियां!
किसानों को धान की रोपाई के समय सावधान रहने की जरूरत है। इसके लिए किसानों को चाहिए कि वे अपने खेतों में धान की रोपाई करते समय उनकी पर्याप्त संख्या पर पूर्ण ध्यान दें। अक्सर किसानों द्वारा रोपाई का कार्य मज़दूरों द्वारा करवाया जाता है जिससे निर्धारित संख्या से कम पौधों की रोपाई होने के चलते बाद में किसान अक्सर खाद की ज्यादा मात्रा का प्रयोग करते हैं जो कि नियमानुसार सही नहीं है। पौध को लाइनों में रोपाई करें। एक जगह 2-3 पौध लगाना बेहतर होता है। किसानों को चाहिए की वे अंदाजे से खादों का प्रयोग करने की बजाय साॅयल हेल्थ कार्ड की सिफारिश अनुसार ही खादों की मात्रा का प्रयोग करें। रोपाई के बाद खरपतवारनाशियों का प्रयोग समय पर करें ताकि खरपतवारों को उगने से पहले ही उन पर काबू पाया जा सके। अक्सर किसान रोपाई के बाद काफी गहरा पानी लगाते हैं जो कि ठीक नहीं है। किसानों को चाहिए की वे 5-6 सेंटीमीटर से अधिक गहरा पानी न लगाएं। किसान रोपाई के समय पौधों को अधिक गहराई में न लगाएं। खेत की गारा बैठने पर ही 2-3 सेंटीमीटर से अधिक गहराई पर रोपाई न करना बेहतर होगा। अधिक गहराई में रापोई होने से पौधे के कल्ले फूटने में काफी समय लगता है। जिससे जमीन को नुकसान पहुंचाता है। एवं उत्पादन पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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