सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
जानिए, घुलनशील उर्वरकों और उनके गुणधर्म के बारे में!
19:19:19: - इस उर्वरक में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश समान अनुपात में होता हैं। यह मुख्य रूप से फसल की वृद्धि के प्रारंभिक अवस्था में शाखाओं की वृद्धि के लिए उपयोग किया जाता है। फसल सुरक्षा के लिए उपयोग किए जाने वाले लगभग सभी रसायनों के साथ उपयोग के लिए उपयुक्त है। अनाज, सब्जियां, फल और फलियां के लिए उपयुक्त है। 12:61:0: - इस उर्वरक में नाइट्रोजन की मात्रा कम और फास्फोरस अधिक मात्रा में होता है। यह पानी में घुलनशील है। इस उर्वरक का उपयोग नई जड़ों के विकास के साथ-साथ फलों के लिए भी किया जाता है। कैल्शियम युक्त उर्वरकों को छोड़कर सभी घुलनशील उर्वरकों के संयोजन में उपयोग किया जा सकता है। नई जड़ों के जोरदार विकास के साथ-साथ अधिक फूलों के लिए उपयुक्त है। 0:52:34: - यह उर्वरक फूल आने से पहले और बाद की अवधि के लिए उपयोगी है। इस उर्वरक का उपयोग फलों के उचित पकने और रंग के लिए किया जाता है। इस घुलनशील उर्वरक में 52% फॉस्फोरस और 34% पोटाश होता है। फूल और फलों के बाद की अवधि और आकर्षक रंग के लिए उपयुक्त है। कैल्शियम उर्वरकों के साथ मिलाया जा सकता है। 13:0:45: - इसमें नाइट्रोजन की मात्रा कम और पोटाश अधिक होता है। फसल / फल पकने की अवस्था में इस उर्वरक की आवश्यकता होती है। फलों के सेट करने एवं विकास के दौरान छिड़काव किया जाता है। इससे फल का आकार और उसमें शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है। 0:0:50: - इसमें 50% पोटास और 18% सल्फर होता है। कीट एवं रोगों के लिए प्रतिरोध का काम करता है। यह पानी के तनाव को दूर करने में भी मदद करता है। फ्रूट शुगर मात्रा, आकार, गुणवत्ता में सुधार करता है। फलों को जल्दी पकाने में मदद करता है।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यहां दी गई जानकारी यदि आपको उपयोगी लगे, तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें।
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