कृषि वार्ताकृषि जागरण
काले चावल की खेती करेगी किसानों की आमदनी दोगुनी, विदेशों तक एक्सपोर्ट होगी उपज
पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के किसानों ने एक कमाल कर दिखाया है, किसानों ने काले चावल खेती की है, जो कि अब विदेशों में धूम मचाने वाला है। यूपी के चंदौली जिले को धान का कटोरा भी कहा जाता है, क्योंकि यह अधिकतर किसान यहां धान की खेती करते हैं। जिला प्रशासन ने चंदौली में 2 साल पहले काले चावल की खेती का अभिनव प्रयोग किया था। यह प्रयोग अब सफल हो गया है, पहले साल में सिर्फ 25 हेक्टेयर में काला चावल लगाया गया , जब इसका अच्छा परिणाम आने लगा, तो दूसरे साल लगभग ढाई सौ हेक्टेयर में काले चावल का उत्पादन किया गया। खुशी की बात है कि आज एक ही फर्म ने यहां पर लगभग 80 मीट्रिक टन का काला चावल खरीदा है। जिले के 30 प्रगातिशील किसानों को काले चावल का बीज दिया गया था. इसकी क्रॉप कटिंग में अच्छे परिणाम देखने को मिले थे. इसके बाद ही अगले सीजन में काले चावल की खेती का दायरा बढ़ा. इसकी खेती सैकड़ों किसानों ने की है। इस चावल में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। यह चावल शुगर फ्री होता ही है, साथ ही यह कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को रोकने की क्षमता प्रदान करता है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट तत्व भरपूर मात्रा में होता है। किसानों ने काले चावल की खेती को कर ली है, लेकिन इसको उचित मूल्य पर बेचना सबसे बड़ी चुनौती थी। मगर जिला प्रशासन की मदद से इसका इंतजाम भी किया गया। किसानों की मेहनत रंग लाने के बाद किसानों का 80 मीट्रिक टन काले चावल एक राइस मिलर ने एकमुश्त खरीद लिया. बताया जा रहा है कि अब चावल तैयार होने के बाद ऑस्ट्रेलिया में भेजा जाएगा। स्रोत:- कृषि जागरण, 25 जून 2020, प्रिय किसान भाइयों आज की कृषि वार्ता दी गई जानकारी यदि आपको उपयोगी लगे, तो इसे लाइक करें और अपने सभी किसान मित्रों के साथ शेयर करें।
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