आज का सुझावएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
केला की फसल में सिगाटोका पत्ती धब्बा रोग का प्रबंधन!
यह केले में लगने वाली एक प्रमुख बीमारी है इसके प्रकोप से पत्ती के साथ साथ घेर के वजन एवं गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। शुरू में पत्ती के उपरी सतह पर पीले धब्बे बनना शुरू होते है जो बाद में बड़े भूरे परिपक्व धब्बों में बदल जाते है। इस रोग के नियंत्रण के लिए रोपाई के 4-5 महीने के बाद से ही ग्रसित पत्तियों को लगातार काटकर खेत से बाहर कर जला दें। जल भराव की स्थिति में जल निकास की उचित व्यवस्था करें। खेत को खरपतवार से मुक्त रखें। रासायनिक नियंत्रण के लिएमेन्कोजेब 75% डब्ल्यूपी @ 600 ग्राम या पाइरक्लोस्ट्रोबिन 20% डब्ल्यूजी @ 300 ग्राम 300 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी यदि आपको उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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