कृषि वार्तान्यूज18
किसानों के लिए खुशखबरी! अब इस स्कीम के लिए सरकार ने दिए 6,866 करोड़ रुपये!
नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी कवायद के तहत मोदी सरकार ने देशभर में 10,000 किसान उत्‍पादक संगठन (FPO) बनाने शुरू कर दिए हैं। सरकार ने एफपीओ के गठन और उन्‍हें बढ़ावा देने के लिए 2024-25 तक 6,899 करोड़ रुपये की घोषणा की है। केंद्रीय कृषि राज्‍यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि किसान एफपीओ के जरिये अपनी फसल की बिक्री आसानी से कर सकेंगे। साथ ही वे कृषि से जुड़े व्‍यवसाय भी कर सकेंगे। उन्‍होंने कहा कि 'एक जिला, एक उत्‍पाद' क्‍लस्‍टर के जरिये क्षेत्र विशेष के खास उत्‍पाद को भी बढ़ावा दिया गया है। एफपीओ से 30 लाख किसानों को मिलेगा सीधा फायदा लॉकडाउन के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'आत्मनिर्भर आर्थिक पैकेज' में किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं की थीं। इनमें किसानों को प्रोत्‍साहन देने के लिए एफपीओ भी शामिल था। कैलाश चौधरी के मुताबिक, इस स्कीम से 30 लाख किसानों को सीधा फायदा होगा। एफपीओ से जुड़े किसान अपनी फसल का सही दाम पा सकेंगे। वहींं खाद, बीज, दवाइयों और कृषि उपकरण खरीदना भी आसान होगा। कृषि से संबंधित सेवाएं सस्ती मिलेंगी और बिचौलियों के मकड़जाल से मुक्ति मिलेगी। कैलाश चौधरी ने कहा कि देश के 100 जिलों के हर ब्लॉक में कम से कम एक एफपीओ हर हाल में बनाया जाएगा। चौधरी के मुताबिक, एफपीओ को 2 करोड़ रुपये तक की परियोजना में कर्ज के लिए सरकार क्रेडिट गारंटी देगी। हर संगठन को 15 लाख रुपए तक की इक्विटी ग्रांट दी जाएगी। इस स्कीम में साल 2024 तक 10 हजार किसान उत्पादक संगठन बनाए जाएंगे, जिसके लिए 6,866 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। एफपीओ बनाने के लिए 11 किसानों का समूह होना जरूरी है। इस समूह का कंपनी एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद सरकार संगठन के काम का आकलन करने के बाद तीन साल में 15 लाख रुपये देगी। नाबार्ड कंसल्‍टेंसी सर्विसेज करेगी संगठन की रेटिंग संगठन के प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय कृषि व ग्रामीण विकास बैंक कंसल्‍टेंसी सर्विसेज रेटिंग करेगी। इस रेटिंग के आधार पर किसान उत्‍पादक संगठन को सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिलेगी। एफपीओ बनाने के लिए मैदानी क्षेत्र के संगठन में कम से कम 300 और पहाड़ी क्षेत्र में 100 किसान जुड़े होने चाहिए। एफपीओ बनाने के लिए किसानों का समूह नाबार्ड, लघु कृषक कृषि व्यापार संघ और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के कार्यालय में संपर्क कर सकता है। दरअसल, लघु कृषक कृषि व्यापार संघ और नाबार्ड इस पर काम कर रहे थे। दोनों संस्थाओं के पास करीब 5,000 एफपीओ रजिस्टर्ड हैं। सरकार ने इसे और बढ़ावा देने के लिए NCDC को भी इसकी जिम्मेदारी दी है। स्रोत:- न्यूज़ 18, 16 जून 2020 प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी यदि आपको उपयोगी लगे, तो इसे लाइक करें और अपने सभी किसान मित्रों के साथ शेयर करें।
25
0
संबंधित लेख