कृषि वार्तादैनिक भास्कर
अब किसान कृषि भूमि पर लगा सकेंगे प्रोसेसिंग यूनिट!
किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने अब कृषि जिंसों की खेतों में ही प्रोसेसिंग करवाने की तैयारी कर ली है। योजना के मुताबिक सरकार द्वारा प्रदेश भर में प्रत्येक ब्लॉक में तहसील मुख्यालय के गांव में किसानों की डिमांड के अनुसार कृषि प्रसंस्करण इकाई स्थापित करवाई जाएगी, जहां किसान को उपज की प्रोसेसिंग के बाद पूरी कीमत मिल सकेगी। इसके लिए मार्केटिंग बोर्ड के जरिए एग्रो प्रोसेसिंग योजना शुरू की है। खास बात यह है कि प्रोसेसिंग इकाई भी किसान खुद ही स्थापित कर सकेंगे। इकाई लागत का आधा भुगतान सरकार करेगी। योजना को 2024 तक लागू किया गया है। मार्केटिंग बोर्ड एक्सईएन जेपी गढ़वाल का कहना है कि स्कीम में कोरोना काल समाप्त होने के बाद ब्लॉक व तहसील स्तर पर कृषक प्रशिक्षण कैंप भी आयोजित करवाए जाएंगे। इकाई स्थापित करने वाले किसान को कृषि भूमि के दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। खेत की जमीन में ही लगा सकेंगे दो करोड़ तक का प्रोजेक्ट, स्कीम में अब तक रीको एरिया में ही उद्योगपति वर्ग के द्वारा एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट संचालित की जा रही थी। नई व्यवस्था में एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट किसान कृषि भूमि पर स्थापित कर सकेंगे। सरकार द्वारा किसान को अधिकतम दो करोड़ प्रोजेक्ट लागत का एक करोड़ अनुदान दिया जाएगा। शेष राशि न्यूनतम ब्याज में बैंक से दिलाई जाएगी। यह इकाई कर सकेंगे स्थापित स्कीम में केवल कृषि जिंसों की प्रोसेसिंग से जुड़ी इकाई ही स्थापित की जा सकेगी। जिसमें खास तौर से डेयरी प्रोडक्ट आटा मिल, कैंडी उद्योग, आचार उद्योग, मसाला उद्योग, पशु आहार, कोल्ड स्टोरेज सहित 3 दर्जन से ज्यादा कृषि प्रोसेसिंग इकाई शामिल हैं। इकाई स्थापित करने के बाद सरकार के द्वारा परिवहन बिजली पैकिंग आदि खर्चे में भी सहायता की जाएगी। स्रोत:- दैनिक भास्कर, 15 जून 2020 प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी यदि आपको उपयोगी लगे, तो इसे लाइक करें और अपने सभी किसान मित्रों के साथ शेयर करें।
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