कृषि वार्ताकृषि जागरण
प्री-मानसून और खरीफ कृषि कार्यों के लिए 20,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा नाबार्ड!
नाबार्ड ने सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) को अपने प्री-मानसून खरीफ परिचालन की प्रभावकारिता बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। वित्तीय सहायता 20,500 करोड़ रुपये की है। जबकि कुल राशि में से 15,200 करोड़ रुपये किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से प्रदान किए जाएंगे, शेष 5,300 करोड़ रुपये आरआरबी के माध्यम से विभिन्न राज्यों में विशेष नकदी सुविधा के रूप में आवंटित किए जाएंगे। भविष्य में किसानों के वित्तपोषण के लिए बैंकों के साथ पर्याप्त नकदी बनाए रखने के लिए निधि दी जाएगी। इसके साथ ही, बैंकों ने पहले ही किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की संतृप्ति का कार्यक्रम शुरू कर दिया है। सहकारी बैंकों और आरआरबी द्वारा पिछले दो महीनों के दौरान लगभग 12 लाख नए केसीसी कार्ड जारी किए गए हैं, जबकि सहकारी बैंक और आरआरबी द्वारा 31 मार्च 2020 तक 4.2 करोड़ केसीसी जारी किए गए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्र को 20 लाख-करोड़ के विशेष आर्थिक पैकेज के बारे में अपने एक संबोधन के दौरान घोषणा की थी कि नाबार्ड ग्रामीण सहकारी बैंकों और आरआरबी की फसल ऋण आवश्यकता के लिए 30,000 करोड़ का अतिरिक्त पुनर्वित्त समर्थन प्रदान करेगा। स्रोत: कृषि जागरण, 19 मई 2020 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे तो, इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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