कृषि वार्ताआउटलुक एग्रीकल्चर
गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने वाली पहली चीनी मिल
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार गोरखपुर स्थित पिपराइच चीनी मिल उत्तर भारत में गन्ने के रस से सीधे तौर पर एथेनॉल बनाने वाली पहली चीनी मिल होगी। राज्य के गन्ना राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि पूरे उत्तर भारत में गोरखपुर स्थित पिपराइच चीनी मिल ऐसी पहली मिल बनने जा रही है जो सीधे तौर पर गन्ने के रस से एथेनॉल बनाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा एथेनॉल उत्पादन 42.37 करोड़ लीटर है तथा केन्द्र सरकार ने 81.36 करोड़ लीटर एथेनॉल उत्पादन का लक्ष्य दिया है। गन्ना राज्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की नीति आने के बाद एथेनॉल का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब तक गन्ने के दूसरे उत्पादों को लेकर व्यवस्था नहीं बनेगी, तब तक किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान कहीं ना कहीं चीनी के निर्यात या फिर घरेलू बिक्री पर ही निर्भर करेगा, उसके कारण कई बार कठिनाइयां पैदा होती है। स्रोत – आउटलुक एग्रीकल्चर, 23 जुलाई 2019
खास बात यह है कि बुदेलखंड में अभी तक हल्दी की खेती को लेकर किसी भी तरह का कोई प्रयोग नहीं हुआ है। किसान देवेंद्र कुसमारिया ने बुंदेलखंड में पहली बार हल्दी की खेती की है। तीन साल पहले देवेंद्र महाराष्ट्र जलगांव के राबेर घूमने गए थे जहां पर उन्होंने हाईटैक हल्दी की खेती को देखा और कुछ मात्रा में वहां से हल्दी के बीज लेकर आए। वापस आकर उन्होंने बीज को अपने खेत में लगाया तो उनको हल्दी के बेहतर परिणाम मिले। स्रोत – कृषि जागरण, 3 जुलाई 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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