सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
प्याज की खेती करते समय रखी जाने वाली सावधानियां!
किसानों ने हाल ही में लहसुन की बुवाई पूरी कर ली है। वहीं प्याज की खेती के लिए नर्सरी में बीजों की रोपाई कर दी है। ऐसे में नवंबर-दिसंबर में प्याज की नर्सरी से खेत में रोपाई की जाएगी। तो आइए जानते हैं प्याज की रोपाई के समय कौन-सी सावधानियां बरतें- 👉🏻पौधे को नर्सरी से निकालते समय पर्याप्त नमी होना चाहिए. वहीं पौधे सावधानी एवं ध्यानपूर्वक निकालना चाहिए ताकि पौधे की जड़ न टूट पाए। 👉🏻बीमारी से ग्रसित पौधों को नर्सरी से निकालते समय ही अलग कर देना चाहिए। ऐसे पौधों की रोपाई नहीं करना चाहिए। 👉🏻पौधे को उपचार करने के बाद लगाए ताकि पौधा अच्छी तरह से ग्रोथ कर सकें। 👉🏻पौधे की रोपाई के समय खेत में अत्यधिक नमी नहीं होना चाहिए। वहीं मिट्टी भूरभूरी होना चाहिए। 👉🏻अत्यधिक छोटा या बारीक बीज नहीं लगाना चाहिए क्योंकि ऐसे पौधे को ग्रोथ करने में समय लगता है। 👉🏻 खेती तथा खेती सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए कृषि ज्ञान को फॉलो करें। फॉलो करने के लिए अभी ulink://android.agrostar.in/publicProfile?userId=558020 क्लिक करें।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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