सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
जानिए क्या है एन०पी०वी० वायरस!
एन०पी०वी० वायरस पर आधारित जैविक कीटनाशक है, जो चने की इल्ली एवं तम्बाकू की इल्ली के नियंत्रण के लिए प्रयोग में लाया जाता है। चने की इल्ली के बना हुआ जैविक कीटनाशक 2% A.S. एवं तम्बाकू की इल्ली से बना हुआ जैविक कीटनाशक 0-5% A.S. के फार्मुलेशन में उपलब्ध है। चने की इल्ली से बना हुआ एन०पी०वी० चने की इल्ली पर ही काम करता है। कीट की सूंडी के द्वारा वाइरस युक्त पत्ती या फली खाने के 3 दिन बाद इल्लियों का शरीर पीला पड़ने लगता है तथा एक सप्ताह बाद इल्लियों काले रंग की हो जाती है तथा शरीर के अन्दर द्रव भर जाता है। रोगग्रस्त इल्लियों पौधे की ऊपरी पत्तियों अथवा टहनियों पर उल्टी लटकी हुई पायी जाती है। एन०पी०वी० (न्यूक्लियर पालीहेड्रोसिस वायरस) का प्रयोग एक वर्ष में एक बार करना होता है।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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