AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
22 Dec 19, 06:30 PM
पशुपालनपशु चिकित्सक
मवेशियों में एसिडिटी की बीमारी और इसका इलाज
गाय, भैंस, भेड़ और बकरियों में सबसे ज्यादा पाचन तंत्र की बीमारी की समस्या दिखाई देती है। जिसे एसिडिटी भी कहते हैं जिसे अंग्रेजी में 'रूमिनल एसिडोसिस' के नाम से भी जाना जाता है। क्या खाद्य पदार्थ एसिडोसिस का कारण बनता है ज्यादा मात्रा में गेहूं, बाजरा, ज्वार, चावल, मक्का, जौ, दालों और उनके आटे और ब्रेड, गुड़, अंगूर, सेब, आलू, पके हुए चावल खाने से यह बीमारी होती है।
रोग के लक्षण: रोग के लक्षण पशु ने कितनी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट की चीज खाई है उस पर आधारित है। शुरुआत में, जानवर सुस्त और कमजोर लगता है, खाने को चबाना बंद कर देता है। जानवर थोड़ी देर में बैठते हैं और खड़े हो जाते हैं, आफरा लगता है, पशु का दूध उत्पादन कम हो जाता है। जानवरों की खोपड़ी ढीली हो जाती है और खट्टी गंध आती है। शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है, पशु लंगड़ा कर चलता है, अगर अतिरिक्त कार्बोहाइड्रेट का सेवन किया जाता है, तो बीमारी गंभीर हो जाती है और उपचार के अभाव में पशु की मृत्यु हो जाती है। घरेलू उपचार: घरेलू उपचार में गाय-भैंस में 200 से 300 ग्राम बेकिंग सोडा को पानी में घोलकर नली से तुरंत देने से आराम मिलता है। किसी भी अधिक गंभीर लक्षण के दिखाई देने पर निकटतम पशु चिकित्सक से तुरंत संपर्क किया जाना चाहिए। स्रोत – एग्रोस्टार पशु विशेषज्ञ यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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