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दूध दोहन के बीच की अवधि
दूध दोहन का बीच का अवधि बारह घंटे रखना आवश्यक है, अगर कोई पशु ज्यादा मात्रा में दूध देता हे तब उनको दिन में तीन बाद दोहन करना चाहिए।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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अनार में फल धब्बा रोग की रोकथाम
अनार में फल धब्बा रोग की रोकथाम के लिए मेटिराम 55% + पायराक्लोस्ट्रोबिन 5% डब्ल्यूजी 600 ग्राम प्रति एकर 200 लीटर पानी मे घोलकर छिड़काव करें।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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संतरा में अधिक उत्पादन के लिए
संतरा में अंबिया बाहर के लिए पौधों पर जिबरेलिक एसिड 1.5 ग्राम + यूरिया 1 किलोग्राम 100 लीटर पानी मे घोलकर छिड़काव करें इससे फलों का आकार बढेगा एवं फल पेड़ पर टिके रहेंगे।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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भिण्डी में सिंचाई प्रबंधन
मृदा में अंकुरण के समय पर्याप्त नमी न हो तो बुआई के तुरन्त बाद हल्की सिंचाई कर दें। अच्छी फसल प्राप्त करने के लिए आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहें। सिंचाई मार्च में 10-12...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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दूध उत्पादन हेतु अजोला चारा
इनका उपयोग पशु के दूध की मात्रा एवं वसा प्रतिशत बढ़ने के लिए किया जा रहा हे। इनके उत्पादन मे कम लागत आती है। अजोला के कारण पशु में 10 से 15 प्रतिशत दूध बढ़ता है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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अंगूर में मृदु रोमिल असिता रोग की रोकथाम
अंगूर में मृदु रोमिल असिता रोग की रोकथाम के लिए मेटिराम 55% + पायराक्लोस्ट्रोबिन 5% डब्ल्यूजी 600 ग्राम प्रति एकर 300 लीटर पानी मे घोलकर छिड़काव करें।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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संतरा में सिंचाई प्रबंधन
इस माह में संतरे के पेड़ों पर नई कोपलें, फूल तथा फल लगते है। अतः पौधों को डबल रिंग पद्धति द्वारा 7 से 10 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें। यदि आपके पास टपक सिंचाई हो तो...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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नफाकारी पशुपालन
• पशु को हररोज टुकड़े किये गए चारा ही खिलाये • ठंड, गर्मी और बारिश से बचाने के लिए एक अच्छा शेड बनाएं। • मौसम के अनुसार पर्याप्त, स्वच्छ पानी और पौष्टिक आहार दें।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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अंगूर में एन्थ्रेक्नोंज, पत्ती धब्बा एवं भभूतिया रोग की रोकथाम
अंगूर में एन्थ्रेक्नोंज, पत्ती धब्बा एवं भभूतिया रोग की रोकथाम के लिए एजोक्सिस्ट्रोबिन 8.3% + मेन्कोजेब 66.7% डब्ल्यूजी 600 ग्राम प्रति एकर 200 लीटर पानी मे घोलकर छिडकाव...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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मक्का में तना छेदक, शीर्ष मक्खी एवं थ्रिप्स का नियंत्रण
मक्का में तना छेदक, शीर्ष मक्खी एवं थ्रिप्स के नियंत्रण के लिए कार्बोफ्यूरान 3 प्रतिशत सीजी 13.50 किग्रा. प्रति एकर की दर से उपयोग करें ।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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शुरुआती दूध का निकाल
दूध निकालना शुरू करते समय, पहले दूध के धार (फॉर मिल्क )को एक अलग बर्तन में निकालना चाहिए।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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लौकी का बीजउपचार कैसे करें
लौकी के बीज उपचार के लिए ट्राईकोडर्मा 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से उपचारित करें।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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पत्ता गोभी में नेमाटोड़ का नियंत्रण
पत्ता गोभी में नेमाटोड़ के नियंत्रण के लिए कार्बोफ्यूरान 3 प्रतिशत सीजी 20 किग्रा. प्रति एकड़ की दर से भुरकाव कर सिंचाई करें ।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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मक्का में झुलसा एवं मृदु रोमिल असिता रोग की रोकथाम
मक्का में झुलसा एवं मृदु रोमिल असिता रोग की रोकथाम के लिए एजोक्सिस्ट्रोबिन 18.2% + डायफेनाकोनाजोल 11.4% एससी 200 मिली प्रति एकड़ 200 लीटर पानी मे घोलकर छिडकाव करें।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
13 Mar 20, 12:00 PM
स्वस्थ दूध उत्पादन के लिए रखे ध्यान
दूध जिन बर्तन में निकालना हे उस बर्तन स्टरनलेस स्टील और चुस्त ठंककन वाला और स्वस्छ होना जरुरी है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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फूल गोभी एवं पत्ता गोभी में हीरक पृष्ठ पतंगा का नियंत्रण
फूल गोभी एवं पत्ता गोभी में हीरक पृष्ठ पतंगा के नियंत्रण के लिए बेसिलस थ्रूरिनजेंसिस 400 ग्राम प्रति एकड़ 200 लीटर पानी मे घोलकर छिडकाव करें।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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करेला का बीजउपचार कैसे करें
करेले के बीज उपचार के लिए ट्राईकोडर्मा 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से उपचारित करें।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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दूध दोहन के वक्त रखे ध्यान
दूध दोहन की प्रक्रिया 5 से 7 मिनट के भीतर जल्दी और सहजता से पूरा किया जाना चाहिए। उस वक्त पशु के नजदीक अज्ञात व्यक्ति का आना जाना नहीं होना चाहिए।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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भिण्डी में खाद एवं उर्वरक उपयोग
भिण्डी की अच्छी पैदावार के लिए आवश्यक है कि गोबर की खाद के साथ-साथ उर्वरकों का भी संतुलित मात्रा में उपयोग की जाय। इसके लिए यह आवश्यक है कि पहले से ही मिट्टी की उर्वरता...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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सूरजमुखी की बुआई
सूरजमुखी की बुवाई 15 मार्च तक पूरा कर लें। बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से उपयोग करें। बुआई के समय 16 किलोग्राम नत्रजन, 30 किलोग्राम स्फुर एवं 25 किलोग्राम पोटाश...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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