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अमरुद की उन्नत खेती का राज!
की उन्नत खेती का राज! • अमरुद की खेती अधिक आय देनेवाली बागवानी फसल है। • इसके लिए अच्छी जलनिकास एवं गहरी दोमट मिटटी उपयुक्त होती है। • उच्च सहंता उद्यान के संकल्पना...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
27 Mar 20, 05:00 PM
गन्ने की फसल में अगेती शीर्ष बेधक कीट का नियंत्रण
पहचान: प्रौढ़ काले भूरे रंग के धब्बे के साथ पीले भूरे रंग का पतंग सफेद पंखों वाला वयस्क होता है। शीर्ष बेधक कीट का पतंगा अपने अंडे 4-100 के समूह में पत्तियों की निचली...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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मृदा परीक्षण के लिए नमूना लेने की तकनीक
• मृदा परीक्षण के लिए नमूना कैसे लें? • मिट्टी के नमूनों को किन क्षेत्रों से चुनना जाना चाहिए? • मृदा परीक्षण संबंधित सुचना और उसके उपयोग। • इसके बारे में और जानने...
सलाहकार लेख  |  इंडियन एग्रीकल्चर प्रोफेशनल्स
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ऐसे करें आधुनिक पद्धति से संतरे की खेती
• संतरा की बागवानी, किसानों को आय देने वाली फसल है। • संतरा की खेती के लिए उचित जल निकास वाली मिटटी उपयुक्त है। • संतरा की खेती के लिए ग्रीष्मकालीन में गड्डे...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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बागवानी फसलों में पाए जाने वाले मृदा जन्य रोग का नियंत्रण
आम, पपीता और अमरुद केला जैसे बगीचे में फफूंद रोगों के कारण उकटा रोग का प्रकोप होता है। प्रारंभिक अवस्था में, पेड़ की शाखाएं पीली हो जाती हैं और फिर सूख जाती हैं। इससे...
सलाहकार लेख  |  डी डी किसान
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ड्रिप सिंचाई से होने वाले लाभ
• प्रिय किसान भाइयो आज हम जानेंगे ड्रिप सिंचाई से होने वाले लाभ के बारे में। • ड्रिप सिंचाई द्वारा किसान भाई 70 प्रतिशत तक का खर्च कम कर सकते है। • ड्रिप सिंचाई...
सलाहकार लेख  |  इंडियन एग्रीकल्चर प्रोफेशनल्स
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भिंडी में लगने वाले रोग और कीटों से बचाव
इस वीडियो में हम जानेंगे भिंडी में लगने वाले रोग एवं कीटों के बारे में जिससे सभी किसान भाई इसका अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। स्रोत:- ग्रीन टीवी इंडिया प्रिये...
सलाहकार लेख  |  ग्रीन टीवी इंडिया
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जायद उड़द और मूंग की उन्नत खेती
• उचित और कम समय में पककर तैयार होने वाली किस्मों का चुनाव करना चाहिए। • मूंग एवं उड़द की बुवाई 15 फरवरी से 15 मार्च के बीच करना चाहिए। • ...
सलाहकार लेख  |  कड़क (अन्नदाता कार्यक्रम)
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तरबूज और खरबूज की वैज्ञानिक खेती
भूमि - उचित जलनिकास वाली बलुई दोमट मिट्टी सर्वोत्तम होती है। भूमि का पी एच - 6 -7 होना चाहिए। उर्वरक - बुवाई पूर्व अच्छी सड़ी गोबर की खाद 250-300 कुंटल प्रति हेक्टेयर...
सलाहकार लेख  |  कड़क (अन्नदाता कार्यक्रम)
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घर पर ही जानें सही उर्वरक की पहचान
इस विडिओ में हम जानेंगे, यूरिया, निम् यूरिया, एस.एस.पी, पोटाश और जिंक सल्फेट की घर पर ही कैसे जाँच कर सकते हैं। तो देखिए ये विडिओ और करिए अपने खाद की जाँच। सन्दर्भ:...
सलाहकार लेख  |  डी डी किसान
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सब्जी फसलों में अधिक फलने के लिए उचित प्रबंधन
फलवर्गीय सब्जी की फसल में निम्नलिखित कारणों की वजह से फल सेटिंग होती है फल सेटिंग ना होने के कारण: 1. अयोग्य किस्म का चयन 2. लगाने की अयोग्य अवधि 3. संतुलित पोषकतत्वों...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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प्याज एवं लहसुन में एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन
प्याज व लहसुन से अधिक उत्पादन के लिए हानिकारक रोग एवं कीट की रोकथाम आवश्यक है। आर्थिक दृष्टी से कुछ प्रमुख हानिकारक कीट व रोग है, जो फसल को अत्यधिक हानी पहुंचाते हैं।...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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आलू में एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन
आलू के प्रमुख कीट:- माहू:- इस कीट के प्रौढ़ एवं शिशु दोनों पत्तियों से रस चूसते हैं जिसके कारण पत्ते पीले होकर मुड़ जाते हैं। प्रबंधन:- माहू के नियंत्रण के लिए थायामेथोक्साम...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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सामयिक सलाह- फ़सलों को पाले से कैसे बचाएँ:
लक्षण: सायंकाल आसमान साफ हो, हवा शांत हो एवं तापमान में कमी के साथ गलावट बढ़ रही हो तो तय मान लें कि उस रात पाला पड़ने वाला है । संवेदनशील फसलें: पाले के प्रति अति...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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गन्ने के अवशेषों का अपघटन
• विघटित गन्ने में 28 से 30% कार्बनिक कार्बन, साथ ही नाइट्रोजन 0.5, फास्फोरस 0.2% और पोटेशियम 0.7% होता है, जिसमें औसतन 3 से 6 टन प्रति एकड़ गन्ने का अवशेष होता है। •...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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जानिए सर्दियों में फसलों को पाले से बचाने का उपाय
सर्दियों के मौसम में अधिकांश फसलें पाले से प्रभावित होती हैं। आमतौर पर दिसंबर से जनवरी के बीच पाला पड़ने की संभावना अधिक होती है। जहां मैदानी क्षेत्रों में उष्ण कटिबंधीय...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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अच्छी गुणवत्ता योग्य प्याज बीज उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण योजना
किसी भी किस्म की उत्पादन क्षमता इसमें निहित आनुवंशिक गुणों पर निर्भर करती है। इसलिए यदि इसकी उत्पादन क्षमता को बनाए रखना है, तो यह ध्यान रखना चाहिए कि बीज के उत्पादन...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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फसल की सुरक्षा और गुणवत्ता के लिए फसल और फलों के आवरण का उपयोग
फसल में अक्सर रोग या जलवायु परिवर्तन के कारण फल पर धब्बे पाए जाते हैं। फसल आवरण या फल आवरण के किसान भाई बेहतर फसल कवर प्रौद्योगिकी के उपयोग से लाभ उठा सकते हैं। फसल...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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मटर में एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन
मटर के प्रमुख कीट माँहू: इस कीट के शिशु एवं वयस्क दोनों पौधों के कोमल भागों से रस चूसकर हानि पहुँचाते हैं। इस कीट के आक्रमण के उपरान्त पत्तियों पर काले-काले धब्बे...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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तरबूज की फसल का उचित प्रबंधन
तरबूज की फसल के अच्छे और जोरदार विकास और अधिक उत्पादन के लिए फसल का उचित उर्वरक और जल प्रबंधन आवश्यक है। खाद प्रबंधन: मृदा परीक्षणों के अनुसार फसल को रासायनिक उर्वरक...
सलाहकार लेख  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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