AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
26 Mar 20, 10:00 AM
गुरु ज्ञानएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
फसल सुरक्षा में ड्रोन तकनीक का उपयोग
• इस समय किसान मानव निर्मित पंप या ट्रैक्टर ड्रोन स्प्रेयर या मशीन संचालित पंपों के माध्यम से खेत में कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं। • आनेवाले समय में नई तकनीक जो कीटों और रोगों का अनुमान लगा सकती है और फसल के पौधे को नुकसान है। इस विकासशील तकनीक से कीटनाशकों का छिड़काव किया जा सकता है, जिस तकनीक को विकसित किया जा रहा है उसे ड्रोन तकनीक कहा जाता है। • एक ड्रोन एक प्रकार का मानव रहित विमान है, और कृषि में उपयोग होने वाले कृषि ड्रोन के रूप में जाना जाता है। • ऐसे ड्रोन में फिक्स्ड कैमरा, वीडियो रिकॉर्डर, हाइपरस्पेक्ट्रल कैमरा, सेंसर आदि शामिल हैं। • ड्रोन द्वारा कीटनाशकों या खरपतवारनाशकों का छिड़काव कर सकते हैं।
• ड्रोन द्वारा क्लिक की गई तस्वीरों या छवियों का विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए सॉफ़्टवेयर द्वारा विश्लेषण किया जाता है और उनकी तीव्रता सहित कीट और रोगों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। • ड्रोन तकनीक की मदद से कीटों और रोगों का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। • मनुष्यों को नुकसान पहुँचाने वाले कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन से आसानी से किया जा सकता है। • ड्रोन की मदद से फसल की किसी भी ऊंचाई पर छिड़काव किया जा सकता है। छिड़काव संभव लंबी फसलों जैसे गन्ना और नारियल होगा। • इस तकनीक से कीटनाशक लागत / श्रम लागत / पानी की आवश्यकता को कम किया जा सकता है। • ड्रोन द्वारा बहुत प्रभावी और समान रूप से छिड़काव किया जा सकता है। • खिसकी हुई मिट्टी या पहाड़ी क्षेत्रों में उगाई जाने वाली फसलों पर छिड़काव करना आसान है। • कीट संक्रमित होने से पहले कीटनाशक का छिड़काव बड़े क्षेत्र में कम समय में किया जा सकता है। • भविष्य में, एक प्रयोगशाला में शिकारियों और परजीवियों को छोड़ना संभव है जो मानव एजेंसी द्वारा संभव नहीं है।. • इन लाभों के साथ-साथ, वर्तमान में यह तकनीक महंगी है और इसका उपयोग सीमित है, लेकिन समय के साथ, यह किफायती हो जाएगा। स्रोत :एगोस्टार एग्रोनॉमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खेती संबंधित नयी तकनीक की जानकारी आपको उपयोगी लगी तो लाइक करें और अपने किसान मित्रों के साथ शेयर करें।
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