कृषि वार्ताकृषक जगत
इस वर्ष सोयाबीन उत्पादन में भारी कमी
सोयाबीन उद्योग की प्रतिनिधि संस्था सोपा द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे देश में वर्तमान खरीफ सीजन 2019 में सोयाबीन उत्पादन 90 लाख टन रहेगा जबकि वर्ष 2018 में यह 109 लाख टन था। याने लगभग 19 लाख टन की कमी (17 प्रतिशत) रहेगी। राजस्थान की तस्वीर भी कुछ ऐसी है। जहां उत्पादन 8.9 लाख टन से घटकर 6.5 लाख टन होने की आशंका है। सोयाबीन उत्पादन में उभरते राज्य महाराष्ट्र ने ज़रूर सकारात्मक संकेत दिए जहां पर क्षेत्रफल वर्ष 2018 के 36 लाख से बढ़कर 37 लाख हेक्टेयर हो गया है। वहीं उत्पादन 34 लाख टन से बढ़कर 36 लाख टन होने की उम्मीद है।
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने गत सप्ताह इंदौर में हुए अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में ये प्रारंभिक आंकड़े जारी किए। 25 सितम्बर से 4 अक्टूबर के मध्य सोपा की 2 टीमों ने म.प्र., महाराष्ट्र, राजस्थान के प्रमुख 51 सोयाबीन उत्पादक जिलों का मैदानी सर्वे किया। साथ ही सेटेलाईट के माध्यम से रिमोट सेसिंग सर्वे कर क्षेत्रफल का भी आकलन किया। सोपा टीम के सर्वेक्षण के अनुसार इस वर्ष मानसून समय पर 25 जून से 15 जुलाई के मध्य सक्रिय था। परन्तु जल भराव के कारण म.प्र., महाराष्ट्र एवं राजस्थान में 15 से 30 प्रतिशत तक फ़सलों को नुकसान हुआ। म.प्र. के मंदसौर, नीमच एवं रतलाम में खेतों में जलभराव होने से सोयाबीन चौपट हो गई। स्रोत: कृषक जगत - 15 अक्तूबर -2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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