कृषि वार्ताजनसत्ता
20 लाख करोड़ का महापैकेज, आज वित्त मंत्री के पिटारे से किसके लिए क्या निकला?
छोटे और सीमांत किसानों को लाभ देने के लिए 30000 करोड़ रुपए की सुविधाः वित्त मंत्री_x000D_ 3 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को लाभ देने के लिए 30000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सुविधा दी गई है। ये नाबार्ड के अलावा दी जाने वाले 30000 करोड़ की राशि है। ये राशि स्टेट, जिला और ग्रामीण कॉपरेटिव बैकों के माध्यम से राज्यों को दी जाएगी। _x000D_ ढाई करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट के माध्यम से 2लाख करोड़ क्रेडिट सुविधा_x000D_ वित्त राज्य मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि ढाई करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट के माध्यम से 2 लाख करोड़ कनसेशनल क्रेडिट की सुविधा दी जाएगी।
1.7 लाख करोड़ रुपये प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में खर्च होंगे_x000D_ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के प्रकोप से प्रभावित अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को राहत पहुंचाने के लिये मंगलवार को 20 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी के करीब 10 प्रतिशत) के आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज में से 1.7 लाख करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में नकदी व खाद्यान्न मदद के लिए खर्च किये जायेंगे|_x000D_ आर्थिक पैकेज की दूसरी किस्त में प्रवासी मजदूरों, छोटे किसानों को राहत_x000D_ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की दूसरी किस्त में प्रवासी मजदूरों, फेरी वालों और छोटे किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि तीन करोड़ किसान पहले ही सस्ती ब्याज दर पर चार लाख करोड़ रुपये के कर्ज उठा चुके हैं।_x000D_ नाबार्ड ने 29,500 करोड़ के रिफाइनेंस का प्रावधान किया_x000D_ वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के अनुसार, कॉर्पोरेटिव बैंक और रिजनल रुरल बैंक को मार्च 2020 में नाबाड ने 29,500 करोड़ के रिफाइनेंस का प्रावधान किया। ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए राज्यों को मार्च में 4200 करोड़ की रुरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड राशि दी गई। _x000D_ किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए पिछले दो महीनों में कदम उठाए_x000D_ कोरोना की स्थिति के बाद लॉकडाउन के दौरान 63 लाख लोन कृषि क्षेत्र के लिए मंजूर किए गए। नाबार्ड और अन्य सहकारी बैंकों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।_x000D_ कृषि क्षेत्र के लिए 86600 करोड़ के लोन को मंजूरी_x000D_ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राज्यों ने किसानों को 6700 करोड़ रुपये की मदद की। ये मदद कृषि उत्पादों के जरिये व अन्य तरीकों से की गई। किसानों के खाते में सीधे पैसा भेजा गया। पिछले मार्च और अप्रैल महीने में 63 लाख ऋण मंजूर किए गए जिसकी कुल राशि 86600 करोड़ रुपया है जिससे कृषि क्षेत्र को बल मिला है_x000D_ तीन करोड़ किसानों तक मदद पहुंचाई_x000D_ वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार की तरफ से तीन करोड़ किसानों तक मदद पहुंचाई गई है। 3 करोड़ किसानों को 4.22 करोड़ से अधिक लोन दिए गए है। ब्याज पर सहायता दी गई है। त्वरित भुगतान पर इंसेन्टिव भी दिया गया है। इसके अतिरिक्त 25 लाख नए क्रेडिट कार्ड दिए।_x000D_ स्रोत -14 मई 2020 जनसत्ता,_x000D_ यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे तो, इसे लाइक करें और अपने किसान मित्रों के साथ साझा करें।_x000D_
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