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बछड़े के जन्म के बाद होने वाले महत्वपूर्ण उपाय
बछड़ों के जन्म बाद तुरंत 6 घंटे के अंदर बछड़ों के वजन के अनुसार 10 % खीस दो से तीन हिस्सों में पिलाना चाहिए। खीस बछड़े में रोग प्रतिरोधकता प्रदान करने के लिए अति आवश्यक है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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मिर्च में विषाणु जनित रोग लीफ कर्ल की रोकथाम
मिर्च में विषाणु जनित रोग लीफ कर्ल की रोकथाम हेतु रोगग्रस्त पौधों को उखाड़कर नष्ट करें एवं रोग वाहक कीट सफेद मक्खी के नियंत्रण के लिए डायफेनथूरान 50% डब्ल्यू.पी. @ 250...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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घातक रेबीज रोग
रेबीज एक घातक वायरल बीमारी है। गाय, भैंस, भेड़ और बकरियों जैसे पशुओं पर रेबीज से संक्रमित कुत्तों या चमगादड़ के काटने से इसका संक्रमण होता है। संक्रमित पशुओं द्वारा...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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ईसबगोल में मदुरोमिल आसिता (Downy mildew) की रोकथाम
ईसबगोल में मदुरोमिल आसिता रोग के प्रकोप की प्रारम्भिक अवस्था पर मेंकोजेब 64%+मेटालेक्सिल 4% डब्ल्यू.पी. घुलनशील चूर्ण 400 ग्राम दवा प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में घोलकर...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
21 Nov 19, 06:00 AM
गन्ना बुआई की नवीनतम तकनीक
नवम्बर के अन्त में गन्ना बुवाई करने हेतु पॉली बैग/डीकम्पोजेबल बैग में एक-एक आंख के टुकड़े की नर्सरी डालें। देर से काटे गये धान की फसल के उपरान्त खाली खेत में भी पॉली...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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बछड़े के जन्म के बाद होने वाले महत्वपूर्ण उपाय
ब्यात के बाद नवजात बछड़ों को खीस पिलाना चाहिए। उसके बाद संतुलित एवं स्वच्छ आहार और स्वच्छ पानी की व्यवस्था अति महत्वपूर्ण है। यह बछड़े के भविष्य के विकास पर विचार किया...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
20 Nov 19, 06:00 AM
गाजर की बुवाई एवं अन्तराल
गाजर की बुवाई 45 सें.मी. के अन्तराल पर बनी मेंड़ों पर 2-3 सें.मी. गहराई पर करें और पतली मिट्टी की परत से ढक दें। अंकुरण के पश्चात् पौधा को विरला कर 8-10 सें.मी. अन्तराल...
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शिमला मिर्च में एन्थ्रेक्नोज की रोकथाम
शिमला मिर्च में एन्थ्रेक्नोज का प्रकोप दिखाई देता है, तो इसकी रोकथाम के लिए मेटिराम 55% + पायराक्लोस्ट्रोबिन 5% डब्लू.जी.@ 400 ग्राम प्रति एकड़ 200 लीटर पानी मे घोलकर...
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पशुओं के लिए हरे चारे के साथ सूखे चारे का मिश्रण
सूखे चारे को हरे चारे के साथ मिलाकर मवेशियों को खिलाना चाहिए, जिससे पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है और पाचन में सुधार होता है।
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लहसुन में खरपतवार नियंत्रण
जड़ों में उचित वायु संचार हेतु खुरपी या कुदाली द्वारा बोने के 25-30 दिन बाद प्रथम निदाई-गुडाई एवं दूसरी निदाई-गुडाई 45-50 दिन बाद करनी चाहिए। लहसुन में खरपतवार नियंत्रण...
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बैगन में सफेद मक्खी का नियंत्रण
बैगन की फसल में सफेद मक्खी के प्रकोप की प्रारंभिक अवस्था में नीम तेल 1500 पीपीएम 1 लीटर प्रति एकड़ 200 लीटर पानी मे घोलकर छिडकाव करें।अधिक प्रकोप की अवस्था मे सफेद मक्खी...
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हरा चारा पशुपालन के लिए फायदेमंद है
दुधारू पशुओं को हरा चारा खिलाने से दुग्ध उत्पादन को लाभदायक बनाया जा सकता है। हरे चारे को पशुओं द्वारा आसानी से चबाया जा सकता है।
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
16 Nov 19, 06:00 AM
गेहूँ की बीज दर एवं पौध अंतरण
गेहूँ की बीज दर भूमि मे नमी की मात्रा, बोने की विधि तथा किस्म पर निर्भर करती है। समय पर बोये जाने वाले सिंचित गेहूँ मे बीज दर 40 किलो ग्राम प्रति एकड़ व पंक्ति से पंक्ति...
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पशुओं की खुराक में हरे चारे का महत्व
हरा चारा रसदार होता है, पानी की मात्रा ज्यादा होती है और पशु को अच्छा लगता है। हरा चारे में विभिन्न विटामिन - ए कैरोटीन के रूप पशु को मिलते है।
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चना में सिंचाई प्रबंधन
चना मे सामान्यतः एक या दो सिंचाई की ही जरूरत पड़ती है, अधिक सिंचाई से पौधों की वृद्धि अधिक व उत्पादन कम हो सकता है। एक सिंचाई उपलब्ध होने पर फूल आने के पहले करें यह...
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आलू में अगेती एवं पछेती झुलसा की रोकथाम
आलू में अगेती एवं पछेती झुलसा की रोकथाम के लिएकार्बेन्डाजिम 12% डब्ल्यूपी + मैंकोजेब 63% डब्लू.पी. @ 400 ग्राम प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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पशुओं में डायरिया या दस्त की समस्या
यह बीमारी विशेष रूप से बछड़ों में ज्यादा देखने को मिलती है, हालांकि प्रत्येक जानवर को यह बीमारी हो सकती है। नियंत्रण हेतु, चूना का नितारा हुआ पानी आधा लीटर, उसमे 10...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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जीरा में खाद एवं उर्वरक प्रबंधन
जीरे की अच्छी पैदावार लेने के लिए खाद एवं उर्वरकों का उपयोग मृदा परीक्षण के आधार पर करना चाहिए। सामान्यतः 20 क्विंटल गोबर की अच्छी सड़ी हुई खाद प्रति एकड़ के हिसाब से...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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प्याज की फसल में बैंगनी धब्बा रोग का नियंत्रण
प्याज की फसल में बैंगनी धब्बा रोग का प्रकोप होने पर क्लोरोथैलोनिल 75% @ 2 ग्राम मात्रा का डाइथेन एम- 45 @ 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ 0.01 चिपचिपा पदार्थ अवश्य...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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पशुओं में होने वाला सामान्य अपच
पशुओं के खुराक में अचानक फेर बदल किया जाये या फिर न पचने वाली खुराक देने से पशुओं में सामान्य अपच की समस्या अक्सर देखी जाती है। उपाय हेतु, 500 ग्राम विलायती नमक एक...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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