AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
11 Jul 19, 10:00 AM
गुरु ज्ञानएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
गन्ने में सफेद मक्खी का प्रबंधन
जल भराव और नाइट्रोजन के अधिक उपयोग से सफेद मक्खी का प्रकोप होता है। मानसून के दौरान गर्मियों में अचानक सूखा होने से भी इस कीट का संक्रमण होता है। गन्ने की चौड़ी और लंबी पत्तियों वाली किस्में इस कीट के लिए अतिसंवेदनशील होती हैं। सफेद मक्खी के संक्रमण से गन्ने की वृद्धि रुक जाती है और इससे गन्ने में चीनी की मात्रा कम होती है। यदि 80% पत्तियों में संक्रमण होता है तो गन्ने की पैदावार में 23.4% की हानि और सुक्रोज में 2.9% इकाइयों की हानि होती है। गन्ने में सफेद मक्खी को नियंत्रित करने के लिए इन एकीकृत नियमों का पालन करें। एकीकृत कीट प्रबंधन: • जहां लंबे समय तक पानी जमा रहता है वहां खेती न करें। खेत से जल निकास की उचित व्यवस्था करें। • आमतौर पर लवणीय मिट्टी में सफेद मक्खी की संख्या अधिक होती है। • अधिक प्रकोप होने पर पेड़ी फसल न लें। • फास्फोरस और नाइट्रोजन उर्वरकों की अनुशंसित खुराक लागू करें। • जब गन्ने के खेत में परजीवी कीटों को छोड़ें तो कीटनाशकों के छीड़काव से बचें। • अधिक संक्रमण होने की स्थिति में, ऐसफेट 75 एसपी @10 ग्राम या ट्रायजोफॉस 40 ईसी @20 मिली या क्विनालफॉस 25 ईसी @20 मिली प्रति 10 लीटर पानी का छिड़काव करें।
डॉ. टी.एम. भरपोडा, एंटोमोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर, बी ए कालेज ऑफ एग्रीकल्चर, आनंद कृषि विश्वविद्यालय, आनंद- 388 110 (गुजरात भारत) यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
100
0