AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
12 Mar 18, 10:00 AM
सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
कददू कुल की सब्जियों की फसलों की खेती के लिए पंडोल प्रणाली का प्रयोग करें।
अगर कुष्मांड कुल की सब्जियों की बेल को उचित तरीके से व्यवस्था और सहारा दिया जाता है तो फसल अच्छी तरह से बढ़ती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होगी। बेलों की व्यवस्था और सहारा देने की विधि - • बीज बोने के 10 से 15 दिनों के बाद पौधे दिखाई देते हैं । • अंकुरण के बाद, तेजी से बढनेवाला एक पौधा रखते हैं और शेष पौधों को हटा दिया जाता है। • 1 फुट ऊंचाई लकड़ी बेलों के पास लगाएं और लकड़ी को सुतली बाँधें और इसे पौधे के ऊपर से जा रही तारों को बाँध दीजिए । • समय-समय पर सुतली से बेलों को खींचे। हवा के कारण बेलों का नीचे गिरना रोका जा सकता है। • मुख्य बेल की अच्छी वृद्धि के लिए, अतिरिक्त तनों को काटने की जरूरत है । बेल तार के नीचे 1 फुट आने के बाद, अतिरिक्त तनों का काटना बंद करें। इसके बाद उन्हें 3 से 4 फीट पर पंडोल तार पर फैला दिया जाता हैं।
पंडोल को खड़ा करने के लाभ- • जब कुष्मांड कुल की सब्जीयों के बेल को सहारा दिया जाए तो, यह अच्छी तरह से बढ़ता है। बेलें 6 से 7 महीने तक अच्छे रहते हैं । वे केवल जमीन पर 3 महीने के लिए अच्छी रहेंगी । • कुष्मांड कुल की सब्जी फसलों के पत्ते और फल मिट्टी के संपर्क में नहीं आते हैं। अच्छे वायु संचार के कारण सड़ांध, कीट और रोगों की संभावना कम होता है। • छिड़काव भी ठीक से किया जा सकता है। कुष्मांड कुल की सब्जियों का विकास ठीक से होता है और फलों का रंग और गुणवत्ता भी बनी रहती है। • फसल कटाई और हाथ निराई भी आसानी से की जा सकती है। • फसलों की दो पंक्तियों के बीच, छोटी अवधी यानी 1 से 2 माह की एक अन्तर फसल की खेती की जा सकती है। एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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