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AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
17 Sep 19, 01:00 PM
कृषि वार्ताआउटलुक एग्रीकल्चर
कृषि के लिए एक केंद्रीय संस्था स्थापित करने का सुझाव
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा गठित एक समहू ने, कृषि क्षेत्र में सुधारों को लागू करने और कर्ज की सहायता बढ़ाने के लिए जीएसटी परिषद की तरह एक केंद्रीय संस्था, स्थापित करने की सिफारिश की है। समूह ने किसानों को सब्सिडी सीधे उनके खातों में हस्तांतरित करने और कर्ज माफी बंद करने की सिफारिश की है।
समूह ने इसके अलावा सोना गिरवी रखकर ऋण देने की योजना में धनराशि के वास्तविक उपयोग की निगरानी के लिए दुरुस्त व्यवस्था की सिफारिश की है। इसके लिए बैंकों को एक सूचना प्रबंधन प्रणाली (एमआईएस) स्थापित करने का सुझाव दिया है, जो उनके मुख्य बैंकिंग समाधान का हिस्सा हो और ऋण के दुरुपयोग का संकेत दे सके। आरबीआई ने इस साल फरवरी में इस आंतरिक कार्य समूह का गठन किया था। इसे कृषि ऋण के मामले में क्षेत्रीय विषमताओं और अन्य मुद्दों का अध्ययन करने और उनके समाधान की सिफारिशें करने की जिम्मेदारी दी गई थी। समूह ने सिफारिश की है कि भारत सरकार को जीएसटी परिषद की तर्ज पर एक केंद्रीय संस्था का गठन करना चाहिए, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों के प्रतिनिधि हों और वे कृषि क्षेत्र में सुधारों का सुझाव दें और उसे लागू करवाएं। साथ ही कहा है कि कृषि कर्ज पर ब्याज सहायता एवं सब्सिडी देने की जगह किसानों के खातों में सीधे धन हस्तांतरित (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण-डीबीटी) करना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय भारतीय कृषि क्षेत्र का कोई डेटाबेस नहीं है जिससे योजना/नीति निर्माण में प्रभावशीलता का अभाव और निगरानी करना मुश्किल है। स्रोत – आउटलुक एग्रीकल्चर, 14 सितंबर 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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