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AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
02 May 19, 10:00 AM
गुरु ज्ञानएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
(भाग 2) टमाटर में तिरंगा समस्या
1. रस शोषक कीट का संक्रमण और व्यवस्थापन - टमाटर की फसल अपने विभिन्न विकास चरणों और अलग-अलग मौसम में विभिन्न कीट/रोग से संक्रमित होती है। इनका निवारक उपाय करना आवश्यक है। टमाटर को मुख्यतः सफेद मक्खी और थ्रिप्स से नुकसान होता है। उनके व्यवस्थापन और उनके संक्रमण को रोकने के लिए थायमेथोक्जाम, इमिडाक्लोप्रिड, फिप्रोनिल, डेल्टामेथ्रिन, डायफेनथियूरोन, स्पिनोसैड, आदि जैसे कीटनाशकों का उपयोग किया जाना चाहिए। 2. वायरल रोगों के लिए उपाय - टमाटर की फसल वायरल बीमारी से प्रभावित होती है नतीजतन, इसकी गुणवत्ता में गिरावट आती है, इसलिए इस कीट को नियंत्रित किया जाना चाहिए। कीट व्यवस्थापन के लिए इस एकीकृत विधि (पीला-नीला चिपचिपा ट्रैप) का उपयोग किया जाना चाहिए। कीटों के परीक्षण के लिए उपयुक्त कीटनाशक का उपयोग किया जाना चाहिए। 3. नियमित जल व्यवस्थापन - यदि किसी भी फसल को नियमित रूप से, समय पर और उचित मात्रा में पानी दिया जाता है, तो इससे उसकी उपज और गुणवत्ता पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। इसलिए, फसल के चरण, मिट्टी के प्रकार, और जलवायु के आधार पर दो सिंचाई अवधि के बीच का समय, दिन, समय अंतराल निश्चित करना चाहिए। इसमें जहां तक संभव हो, निरंतरता रखें।
4. फसल को तापमान से बचाना – जब तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है, टमाटर के फल में रंगद्रव्य लाइकोपीन मर जाती है। इसलिए यह फल को एक समान लाल रंग नहीं देता है। इसलिए मुख्य रूप से गर्मियों की खेती के लिए, जहां तक संभव हो जैविक या सफेद मल्चिंग का उपयोग करें। इससे तापमान कम करने में मदद मिलेगी, जिसके परिणामस्वरूप अच्छी उपज होगी। 5. फलों में तिरंगी समस्या दिखे तो यह उपाय करें- यदि टमाटर में पहले से ही निवारक उपाय नहीं किए गए हैं, तो कटाई के समय तिरंगी समस्यावाले फलों की संख्या बढ़ जाती है। सफेद जड़ों को सक्रिय करने के लिए, तत्काल उपाय के रूप में ड्रिप के माध्यम से हर हफ्ते ह्यूमिक दें। उसके बाद, हर 8 दिन में 5 किलो पोटेशियम शोनाइट, 5 किलो कैल्शियम नाइट्रेट, 5 किलो मैग्नीशियम सल्फेट, 500 ग्राम बोरॉन प्रति एकड़ अलग-अलग समय पर दें। उनके साथ ही तापमान और पर्यावरणीय तनाव को कम करने के लिए हर 15 दिनों में सिलिकॉन 200 मि.ली. और किटोगार्ड 250 मिली का छिड़काव करें। इसके अलावा, ड्रिप सिंचाई के माध्यम से समुद्री शैवाल दें। टमाटर में तिरंगा की समस्या पर पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए, विभिन्न फसल चरणों के माध्यम से ऊपर वर्णित विभिन्न उपायों का उपयोग करें, अर्थात् मिट्टी की तैयारी से लेकर कटाई तक। संदर्भ- तेजस कोल्हे, वरिष्ठ कृषिविज्ञानी यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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