AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
22 Mar 19, 01:00 PM
कृषि वार्ताआउटलुक एग्रीकल्चर
किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं बेच सकते ‘पैतृक कृषि भूमि’
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ‘पैतृक कृषि भूमि’ को लेकर बड़ा फैसला दिया है। यदि हिंदू उत्तराधिकारी पैतृक कृषि भूमि का अपना हिस्सा बेचना चाहते हैं तो उसे घर के व्यक्ति को प्राथमिकता देनी होगी। उत्तराधिकारी अपनी संपत्ति किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं बेच सकता। जस्टिस यूयू ललित व एमआर शाह की पीठ ने यह फैसला हिमाचल प्रदेश के एक मामले में दिया। इस मामले में याचिका दायर की गई थी कि क्या कृषि भूमि भी धारा 22 के प्रावधानों के दायरे में आती है। धारा 22 में प्रावधान है कि बिना वसीयत के किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसकी संपत्ति उत्तराधिकारियों पर आ जाती है। उत्तराधिकारी अपना हिस्सा बेचना चाहता है तो उसे अपने बचे हुए उत्तराधिकारी को प्राथमिकता देनी होगी। पीठ ने कहा कि कृषि भूमि भी धारा 22 के प्रावधानों से संचालित होगी।
पीठ ने यह भी कहा कि धारा 4 (2) के समाप्त होने का इस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि यह प्रावधान कृषि भूमि पर काश्तकारी के अधिकारों से संबंधित था। पीठ ने कहा, इस प्रावधान का उद्देश्य है कि परिवार की संपत्ति परिवार के पास रहे, बाहरी व्यक्ति परिवार में न घुसे। पूरा मामला यह है कि लाजपत की मृत्यु के बाद उसकी कृषिभूमि दो पुत्रों नाथू और संतोष को मिली। संतोष ने अपना हिस्सा एक बाहरी व्यक्ति को बेच दिया। नाथू ने मामला दायर किया कि हिंदू उत्तराधिकार कानून की धारा 22 के तहत उसे इस मामले में प्राथमिकता पर संपत्ति लेने का अधिकार है। स्रोत – दैनिक भास्कर, 16 मार्च 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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