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AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
19 Mar 18, 10:00 AM
सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
वर्मीकम्पोस्ट तैयार करने की विधि
मिट्टी की गुणवत्ता और फसलों के विकास में सुधार लाने के लिए वर्मीकम्पोस्ट बहुत महत्वपूर्ण है। केंचुए का मुख्य कार्य जैविक पदार्थों, धरण और मिट्टी को अच्छी तरह से मिलाकर मिट्टी के विभिन्न परतों में मिश्रण फैलाना है। इसके कारण, मिट्टी की जल प्रतिधारण क्षमता बढ़ जाती है। केंचुए के मलमूत्र में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश, कैल्शियम और सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं। इसलिए, यह मिट्टी के पीएच के उचित स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। केंचुओं का चयन - फायटोफेगस, एपिजिक या ह्युमुस फॉर्मर्स के समूह के केंचुए सफलतापूर्वक वर्मीकंपोस्ट बनाते हैं। दूसरी ओर, वर्मीकम्पोस्ट बनाने के लिए मिट्टी में गहराई तक रहनेवाले इंडोजिक, जिओफेगस केंचुए उपयोगी नहीं हैं।
वर्मीकम्पोस्ट तैयार करने की विधि - • गोबर, बचा हुआ पशु चारा, टहनियां, फसल के अवशेष आधे विघटित होना चाहिए। जमीन की सतह पर क्यारियों की तरह एक संरचना बनाएं गड्ढा बनाने की ज़रूरत नहीं है। • मिट्टी में धीरे-धीरे विघटित होने वाले जैविक पदार्थों (म्यान, सूखे पत्ते, फसल कटाई इत्यादि) की एक 2-3 इंच की मोटी परत डाल दें। इसमें केंचुए डालें। फिर बोरी की मदद से क्यारियों को ढँक दें। • क्यारियों का तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस पर नियत्रित रखें। पीएच को 6.5 से 7.5 तक बनाए रखें। नमी 45 से 50% होनी चाहिए। • वर्मीकंपोस्ट तैयार करने के लिए क्यारियां छाँव में होना चाहिए। • क्यारियों में मौजूद मिट्टी की गांठ को हाथ से कुचला जाना चाहिए और क्यारियों की सामग्री को सप्ताह में एक बार उल्टा घुमाना चाहिए। • एक या डेढ़ महीने के भीतर, चाय पाउडर की तरह खाद तैयार हो जाएगा। इस खाद को अलग करें। • तैयार खाद को निकालने से पहले, आठ दिनों के लिए कृमि क्यारियों में पानी नहीं दिया जाना चाहिए। खाद के छोटे ढेर तैयार रखें ताकि क्यारियों के नीचे की ओर बढ़े. • वर्मीकम्पोस्ट को अलग करें और जो भाग विघटित नहीं हुए हो उन्हें केचुओं को फिर से खिला दें। वर्मीकम्पोस्ट को अलग करते समय, संभवतः, गैंती, खुदाई या फावड़े का उपयोग न करें। ऐसा करने से केंचुओं को नुकसान नहीं होगा। एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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