AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
04 Jul 19, 10:00 AM
गुरु ज्ञानएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
धान की फसल में पीले तना छेदक का प्रबंधन
धान भारत के अधिकांश राज्यों में उगाई जाने वाली मुख्य फसल है क्योंकि इसे गर्म और आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है। यह उच्च आर्द्रता एवं लंबे समय तक धूप और पानी की सही आपूर्ति वाले क्षेत्रों के लिए सबसे उपयुक्त है। फसल के जीवनचक्र में आवश्यक औसत तापमान 21 सेल्सियस से 37 सेल्सियस तक अच्छा होता है। अधिकतम तापमान जो फसल सहन कर सकती है वह 40 सेल्सियस से 42 सेल्सियस के बीच होता है। अंकुरण और फुटाव के लिए न्यूनतम तापमान 10 सेल्सियस और फसल के विकास के लिए उच्च तापमान की आवश्यकता होती है।
• धान की रोपाई जुलाई के प्रथम पखवाड़े में करें। • नाइट्रोजन उर्वरकों को 3-4 भागों में लगाएं। • नर्सरी में, क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 0.4% जीआर या कार्बोफ्यूरान 3% जी या कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड 4% जी या फिप्रोनिल 0.3 जीआर @ 1 किलो प्रति 100 वर्ग मीटर रेत के साथ नर्सरी में बोने के 15 दिन बाद दें। • पौधे के ऊपरी पत्तों को तोड़कर नष्ट करें ताकि वयस्क पतंगे द्वारा दिए गए अंडे को कम किया जा सके। • धान में पीले तना छेदक को नियंत्रित करने के लिए दानेदार कीटनाशक अधिक प्रभावी होते हैं। क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 0.4% जीआर @10 किग्रा या कार्टप हाइड्रोक्लोराइड 4% जी @10 किग्रा या फिप्रोनिल 0.3% जीआर @20-25 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से धान के खेत में कीट के प्रारंभिक चरण में या 30-35 दिनों पर लगाएं। रोपाई के बाद 15-20 दिन बाद, दूसरा छिड़काव पूरा किया जाना चाहिए। • कीटनाशक केवल संक्रमित क्षेत्र पर ही लगाएं। • इसके अतिरिक्त, क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5% एससी @ 3 मिली या फ्लुबेंडियामाइड 480 एससी @3 मिली या फिप्रोनिल 80% डब्ल्यूजी @1 ग्राम या फ्लेबेंडायमाइड 20% डब्ल्यूजी @2.5 ग्राम / फ्लेबेंडियामाइड 4% + बुप्रोफेजिन 20% एससी @10 मिलीलीटर प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। डॉ. टी.एम. भरपोडा, एंटोमोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर, बी ए कालेज ऑफ एग्रीकल्चर, आनंद कृषि विश्वविद्यालय, आनंद- 388 110 (गुजरात भारत) यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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